देवभूमि जन हुंकार, अल्मोड़ा / जसपुर / देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों की पारदर्शिता को कलंकित करने वाला एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। जनपद अल्मोड़ा स्थित सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान (Soban Singh Jeena Government Institute of Medical Sciences & Research) में फर्जी दस्तावेजों के सहारे एमबीबीएस पाठ्यक्रम में प्रवेश पाने के एक शातिर प्रयास को कॉलेज प्रशासन और पुलिस की सतर्कता से विफल कर दिया गया है। मामले में फर्जी प्रमाणपत्र का इस्तेमाल करने वाले छात्र के विरुद्ध कोतवाली पुलिस ने सुसंगत धाराओं में आधिकारिक रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है。
शैक्षणिक सत्र 2026 की प्रवेश प्रक्रिया के दौरान हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
पुलिस और संस्थान से प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, बीते दिनों उत्तराखंड के इस राजकीय मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए एमबीबीएस पाठ्यक्रम की प्रवेश एवं काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही थी。 इसी दौरान जसपुर क्षेत्र के रहने वाले एक छात्र मोहम्मद शमी ने कॉलेज प्रबंधन के समक्ष प्रवेश पाने के लिए आवेदन किया。
खास बात यह है कि आरोपी छात्र ने सामान्य या अन्य कोटे के बजाय सीटों के आवंटन में लाभ लेने के लिए ‘अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों की श्रेणी’ (Orphan & Abandoned Children Category) से संबंधित एक प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया था。 कॉलेज के प्रवेश अधिकारियों को जब इस कोटे और प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों पर कुछ संदेह हुआ, तो उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर इसकी गहन छानबीन और सत्यापन शुरू कराया。
जाँच में फर्जी निकला प्रमाणपत्र, कॉलेज प्रशासन ने तत्काल निरस्त किया प्रवेश
संस्थान द्वारा जब संबंधित जिले और सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से उस प्रमाणपत्र की सत्यता की पड़ताल कराई गई, तो वह पूरी तरह फर्जी (Forged Certificate) पाया गया。 यह स्पष्ट हो गया कि कोटे का लाभ लेने के लिए कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लिया गया है。
कॉलेज प्रशासन ने किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतते हुए नियमानुसार तत्काल प्रभाव से संबंधित छात्र मोहम्मद शमी का प्रवेश पूरी तरह निरस्त कर दिया。 मेडिकल जैसी उच्च और संवेदनशील शिक्षा में इस प्रकार के फर्जीवाड़े को कॉलेज प्रबंधन ने अत्यंत गंभीरता से लिया。
पुलिस में दी गई तहरीर, अल्मोड़ा कोतवाली में मुकदमा दर्ज
प्रवेश निरस्त करने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान के प्रशासन की ओर से अल्मोड़ा कोतवाली में एक औपचारिक तहरीर सौंपी गई, जिसमें फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रवेश लेने की कोशिश करने वाले छात्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई。
तहरीर मिलने के बाद अल्मोड़ा कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित छात्र के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली है。 मामले की पुष्टि करते हुए कॉलेज प्रशासन की ओर से प्राप्त तहरीर के आधार पर आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है。 पुलिस अब इस बात की गहराई से जाँच कर रही है कि यह फर्जी प्रमाणपत्र कहाँ और किसके द्वारा तैयार किया गया था, तथा इस रैकेट में और कौन-कौन लोग संलिप्त हो सकते हैं। इस कार्रवाई से मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं और काउंसलिंग में फर्जीवाड़ा करने वाले तत्वों में हड़कंप मच गया है।
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