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Uttarakhand Political Election Concept Representing EVM Warehouse Inspection and FLC in Haldwani
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देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल / देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन को लेकर जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियों का दायरा व्यापक कर दिया है। इसी कड़ी में आज जनपद नैनीताल के हल्द्वानी में स्थापित EVM और VVPAT वेयरहाउस का विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त रूप से कड़ा निरीक्षण किया गया। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिहीन बनाने के लिए प्रशासन ने अभी से जमीनी स्तर पर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

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23 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी ईवीएम और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जाँच (FLC)

प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आगामी चुनावों के लिए जनपद में कुल 1541 बैलेट यूनिट (BU), 2716 कंट्रोल यूनिट (CU) और 2224 वीवीपैट (VVPAT) मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इन सभी मतदान और नियंत्रण मशीनों की प्रथम स्तरीय जाँच—जिसे फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) कहा जाता है—आगामी 23 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ होगी।

निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी मोनिका ने मीडिया और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अवगत कराया कि FLC की सुचारू तैयारी के लिए आज लंबे समय से बंद रखे जाने वाले वेयरहाउस हॉल को राजनीतिक दलों के समक्ष खोला गया है। हॉल के भीतर FLC टीम के बैठने की उचित व्यवस्था, साफ-सफाई और अन्य सभी तकनीकी व सुरक्षा संबंधी तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।

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पूर्ण पारदर्शिता के साथ ECIL के विशेषज्ञ इंजीनियर करेंगे मशीनों की जाँच

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि FLC की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (ECIL) के विशेषज्ञ इंजीनियरों की विशेष टीम सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (जैसे भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी आदि) के अधिकृत प्रतिनिधियों के आमने-सामने इन मशीनों की जाँच करेगी।

इस दौरान वेयरहाउस में मौजूद प्रत्येक बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट की कार्यक्षमता (Functionality) की तकनीकी रूप से बारीकी से परख की जाएगी। यदि जाँच के दौरान कोई भी मशीन तकनीकी रूप से खराब या त्रुटिपूर्ण पाई जाती है, तो उसे तत्काल प्रभाव से रिजेक्ट कर दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, ईवीएम और वीवीपैट की इस संपूर्ण और गहन जाँच प्रक्रिया में लगभग 10 से 12 दिन का समय लगने की संभावना है।

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राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद, लोकतंत्र के महापर्व पर जोर

आज हुए इस संयुक्त निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन कार्यालय के तमाम वरिष्ठ अधिकारी तथा विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी व प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने प्रशासन की इस पारदर्शी पहल का स्वागत करते हुए चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष संपन्न कराने में पूरा सहयोग देने की बात कही। जिला प्रशासन की इस सक्रियता से यह साफ हो गया है कि उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है।

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By admin