गौलापार लालकुआं में भूमि घोटाला: जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के पुत्र समेत 7 पर मुकदमा दर्ज
हल्द्वानी। लालकुआं विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों की भूमि घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है। काठगोदाम थाना पुलिस ने जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के पुत्र और उद्योगपति की पत्नी सहित सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी अभिलेखों में हेराफेरी के गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई आईजी कुमाऊं के निर्देश पर की गई है।
बसंतपुर किशनपुर निवासी शिकायतकर्ता रविशंकर जोशी ने पुलिस में दी तहरीर में आरोप लगाया कि गौलापार क्षेत्र के ग्राम देवला तल्ला पजाया में लगभग 53 बीघा भूमि वर्ष 2016 में संदिग्ध तरीके से वर्ग “एक ख” से “एक क” में परिवर्तित की गई थी। इस प्रक्रिया में राजनैतिक रूप से प्रभावशाली भूमाफिया और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से झूठे शपथपत्र पेश कर महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया गया।
शिकायत के अनुसार, भूमि के विनियमितीकरण के दौरान बलवंत सिंह नाम के व्यक्ति ने नजराना राशि जमा करने के झूठे दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिन्हें राजस्व अधिकारियों ने बिना जांच के स्वीकार कर लिया। बाद में जब डीएम कार्यालय ने नजराना राशि के प्रमाण मांगे तो कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसके बाद बलवंत सिंह और उसके परिवार की भूमि सीमा की गलत आख्या देकर 10 मार्च 2016 को 3.107 हेक्टेयर भूमि बाहरी व्यक्ति रविकांत फुलारा (निवासी गौड़ कमलुवागांजा) को दान कर दी गई, जबकि बलवंत के दो पुत्र जीवित थे। रविकांत फुलारा ने इस दाननामे को अपने नाम करने के लिए करीब 19 लाख रुपये का स्टांप शुल्क जमा किया।
कुछ समय बाद, 9 मई 2016 को उक्त जमीन को दीपा दरम्वाल (जिला पंचायत अध्यक्ष), हरेंद्र कुंजवाल (पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के पुत्र), मीनाक्षी अग्रवाल (उद्योगपति भूपेश अग्रवाल की पत्नी), अरविंद सिंह मेहरा, अजय कुमार गुप्ता, चेतन गुप्ता और अनीता गुप्ता के नाम बेच दिया गया। इन सभी के खिलाफ काठगोदाम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले में प्रमुख आरोपी बलवंत सिंह का अब निधन हो चुका है, लेकिन पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए राजस्व अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।
कुमाऊं कमिश्नर एवं लैंड फ्रॉड कमेटी के अध्यक्ष दीपक रावत ने कहा—
“जमीन की धोखाधड़ी के मामलों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। जो भी व्यक्ति सरकारी भूमि या किसी के हक में धोखाधड़ी करेगा, वह किसी भी हथकंडे से नहीं बच सकेगा।”
🔹 मामले की मुख्य बातें:
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53 बीघा जमीन 2016 में संदिग्ध तरीके से वर्ग बदली गई
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झूठे शपथपत्र और फर्जी साक्ष्यों से किया गया विनियमितीकरण
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बाहरी व्यक्ति के नाम दान, फिर राजनीतिक हस्तियों को बिक्री
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7 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, जांच जारी
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