देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और बुनियादी ढाबे को सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को डीएम कैंप कार्यालय में जिला सड़क सुरक्षा समिति की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की सड़कों की स्थिति, दुर्घटनाओं की रोकथाम और आगामी त्योहारी सीजन की तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के अभियंताओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि 15 अक्टूबर तक जनपद की सभी सड़कों को हर हाल में गड्ढामुक्त किया जाए। सड़कों को पूरी तरह स्मूथ और आम जनता के आवागमन के अनुकूल बनाया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से उन स्थानों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा जहां सड़क निर्माण या मरम्मत के चलते मिट्टी सड़क पर आ रही है, जिससे वाहन चालकों को असुविधा होती है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ती है। डीएम ने ऐसी जगहों पर तत्काल सफाई और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि आने वाले दिनों में त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है और जनपद में स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की आमद में भी इजाफा होगा। ऐसे में सड़क और यातायात व्यवस्था का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि सड़कों की खराब स्थिति के कारण जनपद की छवि पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। डीएम ने विशेष तौर पर उन क्षेत्रों में सड़क सुधार कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता पर पूरा करने को कहा जहां यातायात का भारी दबाव रहता है।
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी ने ब्लैक स्पॉट, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और व्यस्त चौराहों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की हिदायत दी।
इसके अलावा बैठक में हिट एंड रन (Hit and Run) मामलों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में नियमानुसार मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। उन्होंने जनपद के सभी अस्पतालों को भी इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश और जागरूकता उपलब्ध कराने को कहा ताकि पात्र परिवारों को सहायता प्राप्त करने में किसी तरह की अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। सड़कों की गुणवत्ता, उचित जल निकासी और सुरक्षा मानकों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।
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