देवभूमि जन हुंकार, हल्द्वानी / नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के अंतर्गत हल्द्वानी में 16 वर्षीय छात्र आदित्य टम्टा की संदिग्ध मौत का मामला अब एक हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री में बदलता नजर आ रहा है। घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद मंगलवार को मृतक के परिजनों ने पुलिस बहुउद्देशीय भवन पहुंचकर सनसनीखेज खुलासे किए हैं। परिजनों ने आदित्य के सहपाठियों और एक जिम ट्रेनर पर सीधे तौर पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए एसपी क्राइम को प्रार्थना-पत्र सौंपा है, तथा काठगोदाम पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी तीखे सवाल खड़े किए हैं।
“जिम में खेलने के बहाने घर से बुलाकर ले गए थे साथी”
प्राप्त विवरण के अनुसार, मंगलवार को मृतक छात्र आदित्य टम्टा के पिता अशोक कुमार टम्टा पुलिस बहुउद्देशीय भवन पहुंचे और एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम संबोधित एक प्रार्थना-पत्र सौंपा।
प्रार्थना-पत्र में परिजनों ने जो घटनाक्रम बताया है, वह बेहद चौंकाने वाला है:
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5 सितंबर 2026 की सुबह: आदित्य के कुछ सहपाठी और एक स्थानीय जिम ट्रेनर उसे जिम में खेलने की बात कहकर घर से अपने साथ ले गए थे।
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गौला नदी की ओर ले जाना: पिता का आरोप है कि बाहर कुछ अन्य युवक-युवतियां भी मौजूद थे और बाद में सभी मिलकर आदित्य को पार्टी करने के बहाने रानीबाग स्थित गौला नदी की ओर ले गए।
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सिर पर डंडे से वार: परिजनों ने आरोप लगाया है कि वहाँ किसी बात को लेकर आदित्य के साथ विवाद हुआ और उसके सिर पर डंडे से वार कर उसे गंभीर हालत में नदी में फेंक दिया गया।
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शव बरामदगी: इस घटना के अगले दिन आदित्य का शव राजपुरा क्षेत्र में गौला नदी से बरामद हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
जिम में संदिग्ध आवाजाही और काठगोदाम पुलिस की निष्क्रियता
मृतक के पिता ने अपने प्रार्थना-पत्र में कुछ विशिष्ट युवकों और युवतियों के नामों का स्पष्ट उल्लेख करते हुए उन पर बेटे की हत्या में संलिप्त होने का संदेह जताया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी बड़ा आरोप लगाया है कि इस घटना के बाद संबंधित जिम में रातभर कुछ संदिग्ध लोगों की आवाजाही और लगातार बातचीत होती रही, जिससे उनकी शंका और अधिक पुख्ता हो गई।
सबसे बड़ा सवाल काठगोदाम पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहा है। परिजनों का कहना है कि वे न्याय की आस में काठगोदाम थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए दो-दो बार पहुंचे, लेकिन स्थानीय पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की।
एसएसपी से निष्पक्ष जांच और एफआईआर की पुरजोर मांग
स्थानीय पुलिस से न्याय न मिलने पर अब परिजनों ने उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने एसएसपी नैनीताल और एसपी क्राइम से मामले का तत्काल गंभीर संज्ञान लेने, संबंधित जिम ट्रेनर और साथियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा (FIR) दर्ज करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच कराने की पुरजोर मांग की है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश व्याप्त है और पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।



