अमेरिका द्वारा 25% टैरिफ लगाए जाने के विरोध में भाकपा (माले) का प्रदर्शन, ट्रंप का पुतला फूंका
लालकुआं, 2 अगस्त। भारतीय उत्पादों पर अमेरिका द्वारा 25% टैरिफ लगाए जाने और मोदी सरकार की “मौन स्वीकृति” के विरोध में आज भाकपा (माले) कार्यकर्ताओं ने बिंदुखत्ता के कार रोड चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंका और केंद्र सरकार पर अमेरिकी हितों के आगे “समर्पण” का आरोप लगाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनन्द सिंह नेगी ने कहा कि भारत की संप्रभुता पर यह सीधा हमला है। उन्होंने कहा, “ट्रंप भारत के खिलाफ एक के बाद एक अपमानजनक कदम उठा रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार अमेरिका के सामने घुटने टेकती नजर आ रही है। यह न केवल देश की छवि को धूमिल करता है, बल्कि हमारी आत्मनिर्भरता पर भी प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।”
उन्होंने अमेरिकी नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन भारतीयों को ‘अवैध प्रवासी’ बताकर उनके साथ अपमानजनक व्यवहार करता है, और अब भारत पर टैरिफ थोपकर आर्थिक दबाव बनाया जा रहा है।
भाकपा (माले) नैनीताल के जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने कहा कि अगस्त का महीना भारत की स्वतंत्रता और ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की याद दिलाता है। ऐसे समय में देश की संप्रभुता को चोट पहुंचाने वाले कदमों का डटकर विरोध किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब अमेरिका भारत को ‘मरी हुई अर्थव्यवस्था’ कहकर अपमानित कर रहा है, तब मोदी सरकार की चुप्पी बेहद शर्मनाक है।”
पार्टी ने मांग की है कि भारत सरकार को अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के जवाब में अमेरिकी वस्तुओं पर भी समान शुल्क लगाना चाहिए और अमेरिका के साथ हुए सभी व्यापारिक समझौतों की समीक्षा कर उन्हें रद्द करना चाहिए।
प्रदर्शन में डॉ. कैलाश पाण्डेय, आनंद सिंह नेगी, विमला रौथाण, पुष्कर दुबड़िया, नैन सिंह कोरंगा, गोविंद जीना, किशन सिंह बघरी, धीरज कुमार, निर्मला शाही, बिशन दत्त जोशी, अंबा दत्त बचखेती, ललित जोशी, हरीश भंडारी, बहादुर राम, इंद्रमणि देवराड़ी, त्रिलोक सिंह दानू और प्रवीण दानू सहित कई कार्यकर्ता शामिल हुए।
