हल्द्वानी में किताबों के खेल पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, स्कूलों-बुक सेलर्स पर कसा शिकंजा
हल्द्वानी, 5 अप्रैल 2026। जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल के निर्देश पर रविवार को हल्द्वानी नगर क्षेत्र में पुस्तक विक्रेताओं और स्कूलों से जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच के लिए प्रशासन ने सख्त अभियान चलाया। इस दौरान तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया गया, जिनमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शिक्षा विभाग और राज्य कर विभाग के अधिकारी भी शामिल रहे।

नगर मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेई के नेतृत्व में टीम ने कालाढूंगी रोड स्थित वर्धमान बुक डिपो, पूरणमल एंड संस और करियर जोन का निरीक्षण किया। वहीं उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार की टीम ने मंगलपड़ाव क्षेत्र में पूरणमल एंड संस, दीक्षा बुक डिपो, टुडे बुक डिपो और पी कुमार बुक स्टोर की जांच की। इसके अलावा तहसीलदार हल्द्वानी के नेतृत्व में कंसल और प्रीत बुक डिपो का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान अधिकारियों ने मौके पर मौजूद अभिभावकों से भी बातचीत कर फीडबैक लिया। कई अभिभावकों ने आरोप लगाया कि कुछ स्कूल विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाते हैं और पर्ची भी देते हैं। इस पर प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाते हुए संबंधित स्कूलों को नोटिस जारी करने के निर्देश शिक्षा विभाग को दिए हैं।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ विद्यालय प्ले ग्रुप, प्री-नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी जैसी कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। ऐसे में इन संस्थानों की मान्यता और पंजीकरण की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बुक सेलर्स से विभिन्न स्कूलों में चल रही पुस्तकों की सूची और रेट लिस्ट ली गई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि कुछ स्कूल ऐसे विषयों की किताबें भी अनिवार्य कर रहे हैं, जिन्हें एनसीईआरटी प्रकाशित नहीं करता। इन पुस्तकों की उपयोगिता और वैधता की जांच के लिए शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है।
इसके अलावा यह भी पाया गया कि कई अतिरिक्त किताबों की कीमतें एनसीईआरटी पुस्तकों की तुलना में काफी अधिक हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऐसी किताबों को एनसीईआरटी के बराबर नहीं माना जा सकता और इस मामले में भी संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
टीमों ने दुकानों से एनसीईआरटी की किताबों के रेंडम सैंपल भी एकत्र किए, जिनके आईएसबीएन नंबर सहित अन्य विवरण सत्यापन के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी को भेजे जा रहे हैं। साथ ही बुक सेलर्स के बिलों की जांच कर आगे की कार्रवाई के लिए राज्य कर विभाग को निर्देशित किया गया।
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को ग्राहकों के लिए पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था और शेड जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही शिक्षा विभाग के उस सर्कुलर को भी सभी दुकानों पर चस्पा कराया गया, जिसमें 20 अप्रैल 2026 तक यूनिफॉर्म और किताबों की अनिवार्यता में छूट देने और पढ़ाई बाधित न करने के निर्देश दिए गए हैं।



