कोल्ड्रिफ कफ सिरप से बच्चों की मौत के बाद उत्तराखंड में अलर्ट, प्रदेशभर में एफडीए की सख्त कार्रवाई
देहरादून/हल्द्वानी। देश के कई हिस्सों में Coldrif कफ सिरप के सेवन से लगभग 20 बच्चों की मौत के बाद पूरे देश में स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। इसके बाद उत्तराखंड सरकार ने एहतियातन Coldrif कफ सिरप के बिक्री व वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
राज्य में भले ही यह सिरप औपचारिक रूप से बिक्री में नहीं पाया गया हो, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की विशेष टीमों को सक्रिय कर दिया है। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं मंडल तक मेडिकल स्टोरों और अस्पतालों में छापेमारी अभियान जारी है।
अब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों से 148 सिरप के नमूने जांच हेतु एकत्र किए जा चुके हैं। बुधवार को देहरादून में 11, कोटद्वार में 3, हल्द्वानी में 3, अल्मोड़ा में 4, रुद्रप्रयाग में 4 और उत्तरकाशी में 4 नमूने लिए गए।
अभियान के दौरान दर्जनों मेडिकल प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं और कई जगहों से संदिग्ध दवाओं का स्टॉक जब्त कर सील किया गया है।
देहरादून में बड़े पैमाने पर छापेमारी
एफडीए आयुक्त के निर्देश पर राजधानी देहरादून में चकराता रोड, किशननगर चौक, बल्लूपुर चौक, कांवली रोड और प्रेमनगर क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान बच्चों को दी जाने वाली खांसी और सर्दी-जुकाम की दवाओं के विक्रय पर तत्काल रोक लगा दी गई। जिन दुकानों में प्रतिबंधित सिरप पाए गए, उन्हें मौके पर सील कर दिया गया।
टीम ने मौके से 11 सिरप नमूने जांच के लिए लिए, जिनमें Coldrif, Respifresh-TR और Relife शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में ये दवाएं किसी भी मेडिकल स्टोर पर बिक्री में नहीं मिलीं।
उधम सिंह नगर और हरिद्वार में भी तेज हुई कार्रवाई
उधम सिंह नगर में औषधि विभाग ने अब तक 40 कफ सिरप नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। इन सिरपों में Dextromethorphan Hydrobromide, Chlorpheniramine Maleate और Phenylephrine Hydrochloride जैसे तत्व पाए गए हैं।
हरिद्वार जिले में भी अभियान तेज कर दिया गया है। एफडीए टीम ने रुड़की के एयरन हॉस्पिटल, विनय विशाल हॉस्पिटल और हरिद्वार के मेट्रो हॉस्पिटल से कुल 15 नमूने लिए हैं। अब तक हरिद्वार से 39 सिरप नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं।
हल्द्वानी, कोटद्वार और अल्मोड़ा में लगातार छापेमारी
नैनीताल जनपद के हल्द्वानी में एफडीए टीम ने सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल की ड्रग स्टोर से तीन कफ सिरप नमूने जांच के लिए लिए। सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण हेतु देहरादून प्रयोगशाला भेजा गया है।
कोटद्वार में Respifresh TR कफ सिरप का स्टॉक जब्त कर सीज किया गया है, जबकि अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया और चांदीखेत में 12 बोतलें Respifresh TR (Batch No. R01GL2523) की बरामद हुईं, जिन्हें पहले ही Non-Suitable Quality (NSQ) घोषित किया जा चुका है।
रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में चेतावनी जारी
रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा क्षेत्र और उत्तरकाशी में भी टीमों ने छापेमारी कर चार-चार नमूने लिए हैं। औषधि निरीक्षकों ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को चेतावनी दी है कि वे निम्नलिखित सिरपों को न बेचें और न भंडारित करें –
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Dextromethorphan Hydrobromide Syrup (Batch No. KL-25/148)
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Coldrif (SR-13)
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Respifresh TR (R01GL2523)
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Relife (LSL25160)
साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप न दिया जाए और वयस्कों को भी केवल डॉक्टर की सलाह पर ही दवाएं दी जाएं।
सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को दी सर्वोच्च प्राथमिकता
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की जान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। औषधि विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध या निम्न गुणवत्ता वाली दवा के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और दोषी पाए जाने पर सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएं।
