अल्मोड़ा: पॉलीहाउस योजना पर घोटाले के आरोप, उपपा ने श्वेतपत्र और मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई
अल्मोड़ा में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने राज्य की पॉलीहाउस योजना को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने दावा किया है कि इस योजना के नाम पर किसानों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी हुई है और इसे “सरकारी संरक्षण में हुआ घोटाला” बताया है। उपपा ने मामले में श्वेतपत्र जारी करने, उच्च स्तरीय जांच कराने और उद्यान मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि राज्य और केंद्र सरकार किसानों की आय बढ़ाने के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि पॉलीहाउस और एप्पल मिशन जैसी योजनाओं में व्यापक अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
तिवारी के अनुसार, वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने 22 हजार पॉलीहाउस लगाने का लक्ष्य घोषित किया था, लेकिन आज तक यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। आरोप है कि विभाग ने किसानों से 20 से 40 हजार रुपये तक की राशि सब्सिडी और अंशदान के नाम पर जमा करवाई, लेकिन उन्हें समय पर पॉलीहाउस उपलब्ध नहीं कराए गए।
यह भी पढ़ें 👉 पिथौरागढ़ में सनसनीखेज वारदात: बेटे ने हथौड़े से पिता पर किया हमला, इलाज के दौरान मौत
उन्होंने कहा कि अकेले अल्मोड़ा जिले में 230 से अधिक किसान भुगतान करने के बावजूद अब तक योजना का लाभ नहीं ले सके हैं। कई मामलों में किसानों से पहले 10 हजार रुपये लिए गए और बाद में राशि बढ़ा दी गई, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।
उपपा ने यह भी आरोप लगाया कि जिन निजी कंपनियों को योजना का कार्य सौंपा गया, वे भुगतान लेने के बाद गायब हो गईं। साथ ही, जो सामग्री उपलब्ध कराई गई, उसकी गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं थी और कीमतें बाजार दर से अधिक वसूली गईं।
तिवारी ने कहा कि नाबार्ड की आरआईडीएफ योजना के तहत 551 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत होने के बावजूद विभाग लक्ष्य के आसपास भी नहीं पहुंच पाया, जो पूरे मामले में गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।
यह भी पढ़ें 👉पत्नी, प्रेमी और मौत की साजिश! देवकृष्ण मर्डर केस में VIDEO ने खोले खौफनाक राज
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी जिम्मेदारी से बचते हुए एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं, जबकि सरकार इस मुद्दे पर मौन है। उन्होंने इसे संगठित भ्रष्टाचार करार देते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग दोहराई।
उपपा की प्रमुख मांगें:
- पूरे मामले पर तत्काल श्वेतपत्र जारी किया जाए
- जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो
- किसानों को उनकी जमा राशि ब्याज सहित लौटाई जाए
- भविष्य की योजनाओं में जवाबदेही तय की जाए
- पॉलीहाउस स्थापित होने के बाद ही किसानों से अंशदान लिया जाए
उपपा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो पार्टी किसानों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का सहारा भी लिया जाएगा।
👉 देवभूमि जन हुंकार व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें
👉 फेसबुक पर जुड़ने हेतु पेज़ को लाइक करें
👉 यूट्यूब चैनल सब्स्क्राइब करें





