आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की अनदेखी पर फूटा गुस्सा, राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी से की मुलाकात
ऑल इंडिया आंगनवाड़ी एम्पलाइज फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के प्रतिनिधिमंडल ने आज आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं को लेकर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री माननीय श्रीमती अन्नपूर्णा देवी से उनके कैंप कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने देशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए केंद्र सरकार के वर्ष 2026 के बजट पर गहरी निराशा व्यक्त की।
2018 से मानदेय नहीं बढ़ा, बजट से टूटी उम्मीदें
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को अवगत कराया कि वर्ष 2018 के बाद से अब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि कार्यभार लगातार बढ़ता जा रहा है। बजट 2026 से कार्यकर्ताओं को राहत की उम्मीद थी, लेकिन किसी भी प्रकार की ठोस घोषणा न होने से देशभर में असंतोष व्याप्त है।
कार्यभार बढ़ा, सुविधाएं नदारद
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर विभागीय दायित्वों के साथ-साथ अन्य विभागों के कार्य भी थोपे जा रहे हैं, जिससे वे अत्यधिक मानसिक दबाव में काम करने को मजबूर हैं। इस स्थिति का सीधा असर उनके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता पर पड़ रहा है।
बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने फेस कैप्चर प्रणाली को तत्काल प्रभाव से बंद किए जाने की मांग करते हुए कहा कि इससे कार्यकर्ताओं पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है।
साथ ही ऑनलाइन कार्यों के सुचारु संचालन के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 5G मोबाइल फोन उपलब्ध कराने और मोबाइल रिचार्ज की समुचित व नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त अन्य विभागों का कार्यभार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर न डाला जाए, क्योंकि अत्यधिक कार्यदबाव के चलते वे मानसिक रूप से प्रभावित हो रही हैं। इस गंभीर स्थिति पर सरकार से संवेदनशीलता के साथ ठोस कदम उठाने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों से जुड़ी स्थानीय समस्याओं से भी माननीय मंत्री को अवगत कराया गया।
इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से आए फेडरेशन के राष्ट्रीय व प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशीला खत्री (उत्तराखंड), राष्ट्रीय महासचिव सावित्री चौधरी (उत्तर प्रदेश), राष्ट्रीय संयोजक बालमुकुंद सिंहा (झारखंड), राष्ट्रीय मुख्य संयोजक मोहम्मद यामीन अंसारी (उत्तराखंड) के साथ ही राधे श्याम गुर्जर (राजस्थान) तथा रामचंद्र पासवान, प्रदेश संयोजक (झारखंड) सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।


