बनभूलपुरा रेलवे प्रकरण: सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर प्रशासन सख्त, आवेदनों की जांच तेज
हल्द्वानी। बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन को लेकर प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सीमांकित क्षेत्र में रह रहे लोगों द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत भरे गए आवेदनों की गहन जांच की जा रही है।
नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि वितरित किए गए फार्मों के जमा होने के बाद प्रारंभिक जांच में कई आवेदनों में खामियां सामने आई हैं। साथ ही यह भी पाया गया है कि कुछ ऐसे लोगों ने भी आवेदन कर दिए हैं, जो रेलवे द्वारा निर्धारित सीमांकित क्षेत्र के दायरे में नहीं आते।
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स्थिति को स्पष्ट करने और पात्रता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने छह विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें फिलहाल फील्ड में जाकर आवेदकों का भौतिक सत्यापन कर रही हैं, ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।
नगर आयुक्त के अनुसार, सभी टीमों को एक सप्ताह का समय दिया गया है, जिसके भीतर वे हर आवेदन का निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सत्यापन करेंगी। इसके बाद ही आगे की स्क्रूटनी और अन्य आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप और पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है, ताकि केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिल सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।
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