कमस्यार घाटी में भालू का आतंक
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कमस्यार घाटी में भालू का आतंक, वन विभाग ने लगाए ट्रैप कैमरे और बढ़ाई गश्त – ग्रामीणों को किया सतर्क

संवाददाता सीमा खेतवाल

बागेश्वर। जनपद बागेश्वर के धरमघर क्षेत्र स्थित कमस्यार घाटी में बीते दिनों भालू की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। भालू के डर से ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाते हुए बागेश्वर वन प्रभाग ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

बागेश्वर वन प्रभाग ने भालू की आवाजाही पर नजर रखने के लिए प्रभावित गांवों—चन्तोला, सिमायल, औलानी, नरगोली, देवतोली और भैसूड़ी—में ट्रैप कैमरे स्थापित किए हैं। इन कैमरों की मदद से वन्यजीवों की गतिविधियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।

वन विभाग ने भालू को आबादी से दूर रखने के लिए वन क्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्र की सीमाओं पर एनाइडर डिवाइस लगाए हैं, ताकि वन्यजीव मानव बस्तियों में प्रवेश न कर सकें।

शुक्रवार को भालू के दिखाई देने की सूचना मिलने के बाद विभाग की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात सर्च ऑपरेशन और गश्त चलाई जा रही है। गश्ती दल लगातार गांवों में भ्रमण कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा

स्थानीय निवासियों को भालू से जुड़े सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि—

  • कचरे का निस्तारण सही तरीके से करें,

  • घरों के आसपास झाड़ियां साफ रखें,

  • रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखें,

  • किसी भी संदिग्ध आवाजाही पर तुरंत सूचना दें।

अन्य क्षेत्रों से मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की सूचना मिलने पर विभाग ने पूरे वन प्रभाग में गश्ती दलों को रोस्टर के अनुसार सुबह-शाम सक्रिय गश्त करने के निर्देश दिए हैं।

इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन 1926 का प्रचार

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि भालू या अन्य वन्यजीव से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1926 पर संपर्क करें, ताकि घटनास्थल पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।


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