उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला: हाईकोर्ट में विधि अधिकारियों में बड़ा फेरबदल, पूरन सिंह बिष्ट बने मुख्य स्थायी अधिवक्ता
नैनीताल/देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने उच्च न्यायालय में अपने विधि अधिकारियों और प्रतिनिधियों में बड़ा फेरबदल करते हुए कई अहम नियुक्तियां और पदोन्नतियां की हैं। इस क्रम में अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता पूरन सिंह बिष्ट को पदोन्नत कर मुख्य स्थायी अधिवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रमुख सचिव विधि अमित कुमार सिरोही के हस्ताक्षरों से जारी आदेश के अनुसार, पूरन सिंह बिष्ट को चंद्रशेखर सिंह रावत के स्थान पर तत्काल प्रभाव से यह दायित्व दिया गया है, जिसे राज्यपाल की सहर्ष स्वीकृति भी प्राप्त है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि न्याय अनुभाग इन नियुक्तियों को सिविल पद न मानते हुए व्यावसायिक आबद्धता के रूप में देखता है। साथ ही इन अधिवक्ताओं से अपेक्षा की गई है कि वे उच्च न्यायालय में राज्य सरकार का पक्ष पूरी तैयारी और मजबूती के साथ रखें।
इसके अलावा विधि विभाग ने अन्य कई अधिवक्ताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इनमें—
गणेश कांडपाल को अपर महाधिवक्ता,
राजीव सिंह बिष्ट को उप महाधिवक्ता (क्रिमिनल),
योगेश पांडे को उप महाधिवक्ता (सिविल),
घनश्याम जोशी को अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता नियुक्त किया गया है।
वहीं रंजन घिल्डियाल और भानु प्रताप मेर को स्थायी अधिवक्ता, तथा राकेश कुमार जोशी, प्रभात कांडपाल और हिमांशु सेन को सहायक शासकीय अधिवक्ता बनाया गया है।
इसके साथ ही मनीष बिष्ट, मनोज चंद्र भट्ट, महावीर प्रसाद कोहली, स्वाति वर्मा, निखिल बिष्ट और सुनील उपाध्याय को ब्रीफ होल्डर के पद पर नियुक्त किया गया है।
सरकार के इस बड़े फेरबदल को न्यायालय में मामलों की प्रभावी पैरवी और बेहतर कानूनी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
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