नैनीताल में ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ का बड़ा असर: 5 हजार से अधिक सत्यापन, 409 संदिग्धों पर कार्रवाई
नैनीताल। उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर राज्य में आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक सत्यापन अभियान “ऑपरेशन क्रैक डाउन वेरिफिकेशन ड्राइव” चलाया जा रहा है। अभियान के तहत विभिन्न आश्रमों, होम स्टे, हॉस्टल, प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं, निजी नौकरी करने वाले व्यक्तियों, श्रमिकों, किरायेदारों, फ्लैट लेकर निवास कर रहे बाहरी व्यक्तियों तथा आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाकर रहने वाले संदिग्धों का सत्यापन किया जा रहा है।
इसी क्रम में एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को विशेष टीम गठित कर 15 फरवरी 2026 से एक माह तक सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
जनपद में बाहरी व्यक्तियों की आपराधिक गतिविधियों में संभावित संलिप्तता को देखते हुए एसपी नैनीताल डॉ. जगदीश चन्द्र एवं एसपी हल्द्वानी श्री मनोज कुमार कत्याल के नेतृत्व में जनपद पुलिस द्वारा व्यापक चेकिंग और सत्यापन अभियान संचालित किया जा रहा है।
24 फरवरी 2026 तक की कार्रवाई के तहत नैनीताल पुलिस द्वारा कुल 5368 होटल, ढाबों एवं विभिन्न संस्थानों की सघन चेकिंग की गई। अभियान के दौरान 409 संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। अनियमितता पाए जाने पर 319 व्यक्तियों के खिलाफ धारा 81 पुलिस एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की गई, जबकि 88 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 83 पुलिस एक्ट में कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त 02 व्यक्तियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत भी विधिक कार्रवाई अमल में लाई गई।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जनपद पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि किरायेदारों एवं कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से सत्यापन कराएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
