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हल्द्वानी: “भारत-भारती” की बैठक में राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने पर मंथन

हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में “भारत-भारती” संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय एकात्मता, सामाजिक सौहार्द और “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को सशक्त बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में वक्ताओं ने भारत की विविधता को उसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि भाषा, वेशभूषा, खान-पान और परंपराओं में भिन्नता होने के बावजूद देश एकता के सूत्र में बंधा हुआ है। इस “विविधता में एकता” की भावना को बनाए रखने और आगे बढ़ाने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है।

संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि “भारत-भारती” देशभर में विभिन्न प्रांतों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोगों के बीच आपसी भाईचारे और समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगातार कार्य कर रहा है। इसके तहत शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और आपातकालीन सहायता जैसे क्षेत्रों में भी कई जनहितकारी पहल की जा रही हैं।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और “वंदे मातरम्” जैसे राष्ट्रभक्ति अभियानों को व्यापक स्तर पर चलाने की योजना शामिल है। साथ ही संगठन के विस्तार और अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने देश की सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। अंत में युवाओं से आह्वान किया गया कि वे इस अभियान से जुड़कर “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

बैठक में मुख्य रूप से स्वराज हिंद फौज के केंद्रीय अध्यक्ष सुशील भट्ट, भारत-भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री विवेकानंद, कुमाऊं संभाग प्रभारी डॉ. आशु सिंगल, सुशांत बिश्नोई, अंबुज बिश्नोई, शिवा मिश्रा, डॉ. सुरेश सिसोदिया और डॉ. संदीप सहित कई गणमान्य सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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