सरोवर नगरी में भीषण आग का तांडव, लकड़ी की ऐतिहासिक कुटीर खाक
वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती
नैनीताल। सरोवर नगरी के मल्लीताल क्षेत्र में स्थित ब्रिटिशकालीन ऐतिहासिक भवन ग्लेंनमोर कुटीर में रविवार दोपहर अचानक भीषण आग भड़क उठी। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया और लकड़ी से बने इस पुराने ढांचे को अपनी लपटों में समेट लिया। देखते ही देखते पूरी कुटीर धू-धू कर जलने लगी। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन भवन के भीतर रखा घरेलू सामान, फर्नीचर और कीमती वस्तुएं पूरी तरह जलकर राख हो गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 1:35 बजे पड़ोसियों ने कुटीर की ऊपरी मंजिल से धुआं उठता देखा। शुरुआत में लोगों को लगा कि शायद मामूली आग होगी, लेकिन कुछ ही मिनटों में तेज लपटें आसमान छूने लगीं। लकड़ी का बना होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। संकरी गलियों और ऊंचाई वाले क्षेत्र के कारण दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने भी पाइप और बाल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाने में सहयोग किया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक कुटीर की छत पूरी तरह जल चुकी थी और भवन केवल दीवारों के सहारे खड़ा रह गया।
बताया जा रहा है कि इस ऐतिहासिक कुटीर में वर्तमान में दो परिवार निवास कर रहे थे। इनमें से एक परिवार के सदस्य ललित तिवाड़ी उसी दिन होली की छुट्टियां मनाने दोपहर में नैनीताल पहुंचे थे। गनीमत रही कि आग लगने के समय सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। यदि आग रात में लगती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्राथमिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके से साक्ष्य जुटा रही हैं।
ग्लेंनमोर कुटीर ब्रिटिश काल की वास्तुकला का एक नमूना मानी जाती थी। लकड़ी की नक्काशी और पुराने ढांचे के कारण यह इमारत नैनीताल की विरासत का हिस्सा थी। आग की इस घटना ने न केवल दो परिवारों को बेघर कर दिया, बल्कि शहर की एक ऐतिहासिक धरोहर को भी गंभीर क्षति पहुंचाई है।
