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मुख्यमंत्री धामी ने किया कनलगढ़ घाटी का दौरा

आपदा प्रभावित परिवारों से मिले, हर संभव सहायता का भरोसा

संवाददाता सीमा खेतवाल

बागेश्वर, 6 सितंबर 2025 । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को दोपहर 1 बजे अस्थायी हेलीपैड मालूखेत पर हेलीकॉप्टर से पहुंचकर आपदा प्रभावित कनलगढ़ घाटी का दौरा किया। वे हेलीपैड से पैदल चलकर सड़क मार्ग तक पहुंचे और तत्पश्चात कार द्वारा सीधे पौंसरी गांव पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित ग्रामीणों से भेंट कर उनका हालचाल जाना और हर संभव सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पूरी मजबूती से प्रभावितों के साथ खड़ी है। इसके बाद वे राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैसानी भी पहुंचे और वहां ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने जानकारी दी कि 29 अगस्त को अतिवृष्टि से पौंसरी के खाईजर तोक में पांच मकान मलबे में दब गए। यहां रहने वाले छह लोगों में से पांच मलबे में दब गए और एक व्यक्ति सुरक्षित मिला। अब तक तीन शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि दो की तलाश के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर टीम, ड्रोन, डॉग स्क्वाड और विक्टिम लोकेटिंग कैमरे की मदद से अभियान जारी है।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रभावित परिवारों को राहत राशि वितरित कर दी गई है और सभी आवश्यक सेवाएं सुचारू कर दी गई हैं। आपदा से सड़कों, पुलों, खेतों और आवासीय भवनों को भारी क्षति पहुँची है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे घटना के दिन से ही स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। जल्द ही केंद्र सरकार की टीम प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर नुकसान का आकलन करेगी और पुनर्वास प्रक्रिया को गति दी जाएगी। उन्होंने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि आपसी सहयोग व धैर्य से जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त पिटकुल के 132 केवी सब स्टेशन को दुरुस्त करने हेतु 52 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे जिले में विद्युत आपूर्ति बाधित न हो।

विधायक सुरेश गढ़िया ने बताया कि 29 अगस्त को बादल फटने की घटना के बाद से प्रशासन लगातार राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटा है और प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि उपलब्ध करा दी गई थी।

इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष शोभा आर्या, पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के, प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्ना, मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, उपजिलाधिकारी प्रियंका रानी, अनिल सिंह रावत, ललित मोहन तिवारी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।


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