बागेश्वर में स्वच्छता ही सेवा-2025 कार्यक्रम का आयोजन
नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को स्वच्छता मिशन की जिम्मेदारियों से कराया गया अवगत
संवाददाता सीमा खेतवाल

बागेश्वर। महात्मा गांधी जयंती (02 अक्टूबर 2025) के अवसर पर पूरे देश में स्वच्छता ही सेवा-2025 अभियान के तहत स्वच्छ भारत दिवस मनाया गया। इसी क्रम में जनपद बागेश्वर के विकासखण्ड सभागार में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी आ.सी. तिवारी ने की, जबकि इस अवसर पर परियोजना निदेशक स्वजल भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में विकासखण्ड बागेश्वर के समस्त नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों के साथ खण्ड विकास अधिकारी, क्षेत्रीय कर्मचारी, स्वजल परियोजना के कार्मिक तथा क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी ग्राम प्रधानों को स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा-2025 के दौरान किए गए प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया और प्रधानमंत्री द्वारा लिए गए स्वच्छता संकल्प को आगे बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत निर्मित संरचनाओं के उचित रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है।
उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील की कि जीपीडीपी योजना के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग की धनराशि से स्वच्छता संरचनाओं के नवीनीकरण की योजना अवश्य तैयार करें और अपनी पंचायत को स्वच्छ एवं ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करें।
सीडीओ ने ग्राम प्रधानों को ‘सरपंच संवाद ऐप’ के लाभों के बारे में विस्तार से बताया। इसके माध्यम से पंचायत विकास की गतिविधियों की निगरानी व जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी।
परियोजना निदेशक स्वजल ने कहा कि स्वच्छता गतिविधियाँ केवल पखवाड़े तक सीमित न रहें, बल्कि ग्राम पंचायत स्तर पर निरंतर संचालित होनी चाहिए। उन्होंने स्वच्छता संरचनाओं के नियमित उपयोग और रखरखाव के लिए पंचायत स्तर पर नियमावली बनाने पर जोर दिया।
खण्ड विकास अधिकारी ने ग्राम प्रधानों से आग्रह किया कि अपनी पंचायतों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें।
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) के श्री भुवन जोशी ने सरपंच संवाद ऐप के संचालन की लाइव डेमो देकर प्रधानों को प्रशिक्षित किया।
स्वजल परियोजना के सामुदायिक विकास विशेषज्ञ गिरिजा शंकर भट्ट ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और सरपंच संवाद ऐप से होने वाले लाभों पर प्रकाश डाला।
