देहरादून: मालदेवता क्षेत्र में अतिक्रमण से बदला नदी का रुख, तबाही के लिए जिम्मेदार रिसोर्ट पर होगी बड़ी कार्रवाई
देहरादून। अतिवृष्टि और आपदा के बाद देहरादून जनपद में जिला प्रशासन युद्धस्तर पर राहत-बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों में जुटा है। मालदेवता क्षेत्र में भारी नुकसान के पीछे नदी पर किए गए अतिक्रमण और अवैध निर्माण को प्रमुख कारण माना जा रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने शुक्रवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को आपदा प्रभावित मार्गों और पुलों की मरम्मत शीघ्र कराने के निर्देश दिए।
मालदेवता क्षेत्र के किसनपुरी बांडावाली में नदी का रुख मोड़कर अवैध रूप से विशालकाय रिसोर्ट बनाए जाने की पुष्टि हुई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि ऐसे अतिक्रमणकारी और संरक्षकों पर भी कठोर कार्रवाई होगी। प्रशासन का अनुमान है कि इस रिसोर्ट के कारण करीब 150 मीटर सड़क, पुल और अन्य सरकारी संपत्तियों को 6 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
डीएम सविन बंसल ने मौके पर अधिकारियों के साथ हालात का जायजा लेते हुए नदी किनारे बने अवैध एप्रोच और निर्माण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि न केवल अवैध रिसोर्ट बल्कि इस पूरे मामले में शामिल संरक्षण देने वालों की भी जवाबदेही तय होगी।
प्रशासनिक अमला लगातार ग्राउंड जीरो पर डटा हुआ है।
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मालदेवता-द्वारा रोड पुल की मरम्मत युद्धस्तर पर जारी है। डीएम ने निर्देश दिया कि पुल और सड़क पर सेफ्टी ऑडिट के बाद ही आवागमन की अनुमति दी जाएगी।
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खेरी मानसिंह क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत और संपर्क मार्ग को जोड़ने का कार्य तेजी से चल रहा है।
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कुमाल्डा-द्वारा झूला पुल की एप्रोच धंसने और खेल मैदान के वॉशआउट होने के बाद लोक निर्माण विभाग ने तुरंत कार्रवाई कर यातायात बहाल किया है।
जिलाधिकारी ने केसरवाला, मालदेवता, बांडावाली और खेरी मानसिंह क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्यों में जुटे कार्मिकों, फोर्स और श्रमिकों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और अब सड़क, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बहाल करने पर पूरा जोर दिया जा रहा है।
