उत्तराखंड में अशासकीय शिक्षकों का सरकार के प्रति रोष, काली पट्टी बांधकर किया मूल्यांकन कार्य
हल्द्वानी/देहरादून। उत्तराखंड के अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट किया। शुक्रवार को एमबी इंटर कॉलेज में सुधार परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य करते हुए शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान जिला अध्यक्ष शैलेंद्र जोशी और जिला महामंत्री लक्ष्मी दत्त पाठक के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अशासकीय शिक्षक उपस्थित रहे। शिक्षकों का कहना था कि सरकार की दोहरी नीतियों के कारण राजकीय शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाती है, जबकि अशासकीय शिक्षकों को लगातार उपेक्षा और सीमित अवसरों का सामना करना पड़ रहा है।
अशासकीय शिक्षकों ने स्पष्ट कहा कि उनकी योग्यता और समर्पण किसी भी प्रकार से राजकीय शिक्षकों से कम नहीं है, फिर भी महत्वपूर्ण शैक्षिक प्रक्रियाओं में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलता। यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था के साथ अन्यायपूर्ण है।
राजकीय शिक्षकों के आंदोलन से बाधित मूल्यांकन कार्य को अशासकीय शिक्षकों ने पूरा कर छात्रों का हित सुरक्षित रखा। इससे उन्होंने यह संदेश दिया कि वे न केवल अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार हैं बल्कि अपने अधिकारों के प्रति भी सजग हैं।
अशासकीय शिक्षकों ने सरकार से मांग की है कि उनके योगदान को पहचाना जाए और उन्हें राजकीय शिक्षकों के समान अवसर, सम्मान और अधिकार दिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उपेक्षा का यह सिलसिला जारी रहा तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
