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“ऑपरेशन कालनेमि” के तहत रामनगर में फर्जी साधु का भंडाफोड़, पुलिस ने हिरासत में लिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर संचालित “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत धर्म के नाम पर ढोंग और पाखंड फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी है। इसी अभियान के तहत रामनगर में एक फर्जी साधु का भंडाफोड़ किया गया है।

मंगलवार को मेन बाजार क्षेत्र में एक व्यक्ति साधु का वेश धारण कर भीख मांगते हुए लोगों को संदिग्ध लगा। जब स्थानीय लोगों ने उससे नाम और पहचान पूछी, तो मामला चौंकाने वाला निकला। भगवा वस्त्रों में लिपटे इस व्यक्ति के सिर पर टोपी दिखाई देने पर शक गहराया। पूछताछ में पता चला कि उसका नाम आसिफ रिज़वी है, जो साधु का वेश धारण कर भीख मांग रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह व्यक्ति नशे की हालत में था और धार्मिक प्रतीक पहनकर लोगों को भ्रमित कर रहा था। मौके पर मौजूद हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़कर रामनगर पुलिस के हवाले कर दिया। संगठन के नेता राजू रावत ने कहा कि “भगवा वस्त्र ओढ़कर भीख मांगना और धर्म का उपहास करना आस्था के साथ खिलवाड़ है। ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।”

घटना की सूचना पर कोतवाली रामनगर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
उप निरीक्षक यूनुस ने बताया कि संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह मामला केवल भीख मांगने का है या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत धार्मिक आड़ में समाज में भ्रम, पाखंड या सांप्रदायिक तनाव फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।


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