बागेश्वर: आदर्श ग्राम विकास के लिए सारकोट का भ्रमण, सातरतबे व लौबांज को मॉडल ग्राम बनाने की तैयारी
संवाददाता – सीमा खेतवाल
बागेश्वर ।मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड द्वारा घोषित आदर्श ग्रामसभा ग्राम सारकोट (जनपद चमोली) को लेकर सोमवार को बागेश्वर जनपद के अधिकारियों की एक टीम ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बागेश्वर के नेतृत्व में भ्रमण किया। इस दौरे का उद्देश्य ग्राम सारकोट के समग्र विकास मॉडल को समझना और उसी आधार पर बागेश्वर जनपद के चयनित ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस रणनीति बनाना रहा।
मुख्य विकास अधिकारी के साथ विभागीय अधिकारियों का यह दल ग्राम सारकोट में विभिन्न विकास कार्यों का प्रत्यक्ष निरीक्षण करते हुए वहाँ अपनाई गई “Holistic & Convergent Approach” का अध्ययन कर रहा है, ताकि इसी तर्ज पर ग्राम सातरतबे (विकासखण्ड बागेश्वर) एवं ग्राम लौबांज (विकासखण्ड गरुड़) को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड द्वारा 28 नवम्बर 2024 को घोषणा संख्या 657/2024 के अंतर्गत ग्राम सारकोट को आदर्श ग्रामसभा बनाए जाने की घोषणा की गई थी। इसके साथ ही प्रदेश के सभी जनपदों में दो-दो ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के निर्देश भी जारी किए गए थे।
चयनित ग्रामों में कृषि, बागवानी, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मौनपालन, मशरूम उत्पादन, सौर ऊर्जा, पर्यटन एवं आजीविका संवर्द्धन जैसे विविध क्षेत्रों में योजनाओं का एकीकृत व समेकित रूप से क्रियान्वयन किया जाएगा। यह प्रयास स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ-साथ टिकाऊ ग्रामीण विकास को भी गति देगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के साथ भ्रमण दल में मुख्य कृषि अधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, प्रभारी रीप परियोजना सहित संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी शामिल रहे। सभी अधिकारियों ने ग्राम में चल रही विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया और आगामी कार्ययोजना को लेकर आपसी समन्वय स्थापित करने पर बल दिया।
