पौंसारी त्रासदी: 5 में से चौथा शव बरामद, एक की तलाश अभी भी जारी
संवाददाता सीमा खेतवाल

बागेश्वर । जनपद बागेश्वर के कपकोट क्षेत्र के पौंसारी गांव के खाइजर तोक में 28 अगस्त की रात बादल फटने से बड़ा हादसा हुआ था। इस प्राकृतिक आपदा में दो परिवारों के पांच लोग मलबे में दब गए थे। आपदा प्रबंधन टीम व प्रशासनिक अधिकारियों की कड़ी मेहनत के बाद अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि एक व्यक्ति की तलाश अभी भी जारी है।
जानकारी के अनुसार, हादसे की रात भारी बारिश के साथ पहाड़ी से आए मलबे ने खाइजर तोक में कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। शुरुआती रेस्क्यू ऑपरेशन में तीन मृतकों के शव निकाल लिए गए थे। रविवार को राहत-बचाव दल ने कनलगढ़ नदी के किनारे स्थित ग्राम चचई के ओखल सेरा तोक से चौथे मृतक, गिरीश का शव बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया, जिसके बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
इस हादसे में दो परिवार पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई लोग बेघर हो गए हैं और खेत-खलिहान मलबे में समा गए। प्रभावित परिवार अभी भी अस्थायी ठिकानों में रह रहे हैं। प्रशासन द्वारा राहत सामग्री और आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है।
जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस की टीम लगातार लापता व्यक्ति की तलाश में जुटी हुई है। आपदा प्रभावित क्षेत्र दुर्गम होने के कारण राहत-बचाव कार्यों में कठिनाई आ रही है, लेकिन टीमें लगातार मलबे और नदी किनारे तलाशी अभियान चला रही हैं।
पौंसारी और आसपास के इलाकों में इससे पहले भी कई बार बादल फटने और भारी भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं। बीते वर्षों में हुई प्राकृतिक आपदाओं ने यहां के ग्रामीणों को बार-बार विस्थापन की कगार पर ला खड़ा किया है। ग्रामीणों की मांग है कि सरकार प्रभावित क्षेत्र का स्थायी समाधान निकाले और सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वास की ठोस योजना बनाए।
आपदा के तुरंत बाद प्रदेश सरकार ने प्रभावितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था। जिले के प्रभारी मंत्री व वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थल का दौरा कर राहत कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने और बेघर हुए लोगों को पुनर्वास पैकेज उपलब्ध कराने की घोषणा की थी।
