गुरु तेग बहादुर शहादत दिवस का अवकाश रद्द, अब मंगलवार को रहेगा हॉलिडे; देर रात जारी हुआ संशोधित आदेश
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने गुरु तेग बहादुर शहादत दिवस पर घोषित आज (सोमवार, 24 नवंबर) का अवकाश रद्द कर दिया है। पहले जारी आदेश में सोमवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था, जिसके आधार पर प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों ने रविवार शाम तक अभिभावकों को छुट्टी की सूचना भेज दी थी। साथ ही शासकीय, अर्द्ध शासकीय, न्यायालयों और जिलों के सभी कार्यालयों के लिए भी सोमवार को अवकाश घोषित था।
अब 24 नवंबर की बजाय 25 नवंबर को छुट्टी
राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी संशोधित आदेश के अनुसार, गुरु तेग बहादुर शहीद दिवस पर पहले 24 नवंबर 2025 (सोमवार) को घोषित सार्वजनिक अवकाश अब बदलकर 25 नवंबर 2025 (मंगलवार) को कर दिया गया है।
- संशोधित तिथि:25 नवंबर 2025 (मंगलवार)
- किस पर लागू:राज्य के सरकारी/गैर-सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों पर।
ध्यान दें: यह अवकाश उत्तराखंड सचिवालय, विधानसभा और उन कार्यालयों पर लागू नहीं होगा जहां 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की व्यवस्था लागू है।
📰 अन्य राज्यों में भी बदलाव
उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों ने भी गुरु तेग बहादुर शहीद दिवस का अवकाश 24 नवंबर की जगह 25 नवंबर को घोषित किया है। यह बदलाव नौवें सिख गुरु के 350वें शहीदी दिवस के पवित्र अवसर को देखते हुए लिया गया है।
कर्मचारियों ने बना ली थी तीन दिन की छुट्टी की योजना
चूंकि शनिवार चतुर्थ शनिवार था और उसके बाद रविवार, फिर सोमवार की छुट्टी मिल रही थी, इसलिए कई सरकारी कर्मचारी इस तीन दिन के अवकाश को लेकर पहले ही टूर पर निकल गए थे। कुछ कर्मचारी गांवों और रिश्तेदारों के यहां शादी-वगैरह में हिस्सा लेने भी चले गए थे।
रविवार रात 10:15 बजे बदला आदेश, लोग रह गए हैरान
रविवार रात करीब सवा दस बजे शासन की ओर से संशोधित आदेश जारी होते ही लोग चौंक गए।
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन द्वारा जारी नए आदेश में स्पष्ट किया गया कि:
➡️ गुरु तेग बहादुर शहादत दिवस का अवकाश अब सोमवार की जगह मंगलवार को रहेगा।
➡️ यह अवकाश शासकीय, अर्द्ध-शासकीय कार्यालयों, न्यायालयों और सभी जिलों के सरकारी दफ्तरों पर लागू होगा।
➡️ सभी विभागों व जिलाधिकारियों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोशल मीडिया पर देर रात मचा हड़कंप
देर रात जब संशोधित आदेश की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो लोग आश्चर्य में पड़ गए।
कई लोगों ने कमेंट करते हुए कहा कि:
-
संशोधित आदेश समय रहते जारी किया जाना चाहिए था।
-
पर्वतीय इलाकों में लोग रात 10 बजे तक सो जाते हैं, ऐसे में उन्हें अवकाश रद्द होने की जानकारी देर से मिलेगी।
-
कई अभिभावक आज सुबह बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी में लग जाएंगे, जबकि छुट्टी सोमवार से हटाकर मंगलवार कर दी गई है।
