शुक्रवार को अंधेरे में हल्द्वानी (1)
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शुक्रवार को अंधेरे में हल्द्वानी: पेड़, फॉल्ट और ट्रांसफार्मर ने बिगाड़ी बिजली व्यवस्था

हल्द्वानी। शुक्रवार को बारिश के साथ बिजली ने ऐसा झटका दिया कि शहर से लेकर गांवों तक करीब दो लाख से ज्यादा लोग अंधेरे में डूब गए। कहीं लाइन टूटी, कहीं पेड़ गिरा तो कहीं ट्रांसफार्मर फुंक गया। हालात ऐसे बने कि तीन से चार घंटे तक बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप रही और लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई।

गौलापार बिजलीघर से जुड़े इलाकों में शुक्रवार अपराह्न करीब चार बजे अचानक बिजली गुल हो गई। बारिश के बीच 33 केवी लाइन टूटने से गौलापार, रानीबाग, जीआईएस काठगोदाम समेत कई क्षेत्रों की सांसें अटक गईं। किसी तरह शाम सात बजे सप्लाई बहाल हो सकी, लेकिन तब तक लोग मोबाइल, पानी और इन्वर्टर के भरोसे जूझते रहे।

वहीं कमलुवागांजा लाइन पर जंगल क्षेत्र में पेड़ गिरने से ट्रांसपोर्टनगर बिजलीघर की आपूर्ति दो घंटे से ज्यादा बाधित रही। इसका असर फूलचौड़, टीपीनगर और आसपास के इलाकों तक दिखा। रानीबाग और जीआईएस काठगोदाम बिजलीघरों से जुड़े क्षेत्रों में भी लंबा बिजली संकट बना रहा।

लामाचौड़, कठघरिया, कालीचौड़ और कमलुवागांजा जैसे इलाकों में बिजली बहाल करने में यूपीसीएल की टीमों को खासा पसीना बहाना पड़ा। पेट्रोलिंग के दौरान फॉल्ट आसानी से पकड़ में नहीं आया, कई जगह पिन इंसुलेटर खराब मिले और लाइनों में तेज स्पार्किंग होती रही।

सबसे खराब हालात सुभाषनगर बिजलीघर से जुड़े नवाबी रोड फीडर के कलावती कॉलोनी चौराहे के आसपास रहे। यहां सुबह से शाम तक बिजली गुल रही। स्थानीय लोग इतने परेशान हो गए कि इन्वर्टर तक जवाब दे गए। शाम के समय स्थिति और बिगड़ गई जब डीसी के पास तेज धमाके के साथ ट्रांसफार्मर फुंक गया, जिससे आपूर्ति बहाली में और देरी हो गई।

ग्रामीण इलाकों में बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने के कारण यूपीसीएल को हाइड्रा मशीन की मदद लेनी पड़ी। जंगल क्षेत्रों में फॉल्ट होने से उन्हें ढूंढने में समय लगा और देर रात तक टीमें मरम्मत में जुटी रहीं। वहीं शहर डिविजन के ईई प्रदीप कुमार ने कहा कि बारिश की वजह से कई जगह लाइन फॉल्ट हुए, जिन्हें तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।


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