रोजगार के लिए उद्योग जरूरी, लेकिन बैंक लोन में अड़चन – डीएम ने दिए सख्त निर्देश
हल्द्वानी ।जनपद नैनीताल में औद्योगिक विकास के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने गुरुवार को सर्किट हाउस काठगोदाम में ‘उद्योग मित्र’ बैठक आयोजित की। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए, ताकि जिले में नए उद्योग स्थापित हों और स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि उद्योगों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी से निवेश और रोजगार दोनों प्रभावित होते हैं, इसलिए उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में उद्यमियों ने बताया कि कई बार बैंकों से ऋण स्वीकृति, सब्सिडी और अन्य योजनाओं के लाभ लेने में तकनीकी व प्रक्रिया संबंधी अड़चनें सामने आती हैं, जिससे उद्योग स्थापित करने में देरी होती है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों और बैंकिंग संस्थानों से समन्वय बनाकर इन समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए, ताकि उद्योगों को वित्तीय सहायता समय पर मिल सके।
जिलाधिकारी ने औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, वैकल्पिक मार्ग, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेहतर आधारभूत ढांचा तैयार होने से नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
बैठक में जीएसटी रिफंड, औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं और अन्य लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए गए। साथ ही जिन योजनाओं के लिए आंगणन प्रस्ताव तैयार किए जाने हैं, उन्हें विभागीय समन्वय के साथ जल्द तैयार कर शासन को भेजने को कहा गया।
बैठक में बजूनियाहल्दू–पतलिया से कोटाबाग तक वैकल्पिक मार्ग विकसित करने के प्रस्ताव की भी जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि शासन स्तर से इसकी प्रगति की जानकारी प्राप्त कर प्रस्ताव की स्वीकृति के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए।
इसके अलावा जिला उद्योग केन्द्र द्वारा संचालित योजनाओं के तहत लगभग 59 लाख रुपये के 19 प्रकरणों को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिन्हें अनुमोदन के लिए संस्तुति प्रदान की गई।
बैठक में यह भी बताया गया कि कोटाबाग विकासखंड में 33 केवीए के नए विद्युत उपकेंद्र (सबस्टेशन) के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि वे स्वयं शुक्रवार को प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करेंगे तथा राजस्व भूमि से अतिक्रमण हटाकर चारदीवारी निर्माण कराने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सड़क, बिजली, वित्तीय सहायता और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे निवेश बढ़े और स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके।
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