न्याय हुआ कितना आसान, तुरंत समस्या का समाधान
स्थायी लोक अदालत के लाभ गिनाए गए सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम में
जिला न्यायाधीश नैनीताल के मार्ग दर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पारा लीगल वालंटियर्स के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम
नैनीताल। माननीय उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के दिशा-निर्देशों एवं जिला न्यायाधीश तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल, श्री हरीश कुमार गोयल के मार्गदर्शन में जनपद नैनीताल में 11 अगस्त से 25 अगस्त 2025 तक “स्थायी लोक अदालत: न्याय की बात हमारे साथ” विषय पर 15 दिवसीय जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत स्वयंसेवकों को जागरूक करने के लिए सेंसिटाइजेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीमती बीनू गुल्यानी ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 की धारा 22बी के तहत नैनीताल में स्थायी लोक अदालत का गठन किया है, जिसमें नैनीताल और चंपावत जिलों के मामले सुने जाते हैं।
श्रीमती गुल्यानी ने बताया कि यह अदालत “न्याय हुआ कितना आसान, तुरंत समस्या का समाधान” के मंत्र को साकार करती है। यहां जन-उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों का निस्तारण शीघ्र, सस्ता और सुलभ तरीके से किया जाता है। स्थायी लोक अदालत में कोई न्यायालय शुल्क नहीं लगता, विवादों का निस्तारण कम समय में हो जाता है और इसका निर्णय अंतिम होता है जिसकी अपील किसी अन्य न्यायालय में नहीं की जा सकती। इसमें वायु, सड़क, रेल व जल परिवहन, डाक व दूरसंचार, बिजली-पानी, स्वास्थ्य सेवाएं, बीमा, शिक्षा, आवास, भू-संपदा, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जुड़े विवादों का निपटारा किया जाता है।
जागरूकता अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त पारा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) को निर्देशित किया गया है कि वे विधिक साक्षरता शिविरों, नुक्कड़ नाटकों और पैम्फलेट वितरण के माध्यम से आम जनता को स्थायी लोक अदालत की भूमिका, उद्देश्य और लाभों के बारे में जानकारी दें और अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ें।
