वैज्ञानिक साक्ष्य और मजबूत पैरवी से जीता न्याय: भीमताल पॉक्सो केस में अभियुक्त दोषमुक्त
नैनीताल। ‘मजबूत पैरवी और वैज्ञानिक साक्ष्यों’ के आधार पर न्यायालय ने भीमताल के एक चर्चित पॉक्सो मामले में ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। अदालत ने अभियुक्त गोपाल धामी को सभी आरोपों से बाइज्जत बरी करते हुए स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष अपना मामला संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह विफल रहा है।
क्या था मामला?
मामले की शुरुआत 19 मई 2023 को हुई थी, जब भीमताल निवासी एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के गर्भवती होने पर उसके भाई ने गोपाल धामी के विरुद्ध बलात्कार की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे के दौरान पीड़िता ने एक शिशु को जन्म दिया और अपने बयानों में दावा किया कि वह गोपाल धामी के शोषण के कारण ही गर्भवती हुई थी।
सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण मोड़
मुकदमे की पैरवी के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता समेत कुल 8 गवाह पेश किए। हालांकि, पीड़िता के परिवार के सदस्यों ने अभियोजन के दावों का समर्थन नहीं किया, लेकिन पीड़िता अपने बयान पर अडिग रही कि अभियुक्त ही बच्चे का पिता है।
मामले में सबसे बड़ा मोड़ डीएनए (DNA) जांच रिपोर्ट से आया। जब न्यायालय के आदेश पर अभियुक्त, पीड़िता और नवजात शिशु के डीएनए नमूनों की जांच की गई, तो रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया:
वैज्ञानिक साक्ष्य: डीएनए रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त का डीएनए नवजात शिशु से मेल नहीं खाता है।
जबरन शादी की साजिश: सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि अभियुक्त की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होने के कारण पीड़िता के परिजन उस पर शादी का दबाव बना रहे थे।
न्यायालय का निर्णय
न्यायालय ने वैज्ञानिक साक्ष्यों (DNA Report) को सर्वोपरि मानते हुए कहा कि जब मुख्य आधार ही गलत साबित हो गया है, तो अभियुक्त को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। न्यायालय ने माना कि पीड़िता के परिजनों द्वारा अभियुक्त को फंसाने और जबरन विवाह कराने की मंशा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अधिवक्ता श्री लोकेश राज चौधरी
“इस मामले में अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता लोकेश राज चौधरी द्वारा की गई प्रभावी और तर्कपूर्ण पैरवी ने एक निर्दोष व्यक्ति को सलाखों के पीछे जाने से बचा लिया।”
इस फैसले ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि न्यायिक प्रक्रिया में केवल आरोप काफी नहीं हैं, बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्य और कानून की कसौटी पर परखे गए तथ्य ही अंतिम न्याय सुनिश्चित करते हैं।