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कपकोट आपदा: ज़िला प्रशासन ने जोखिम उठाकर संभाला मोर्चा, राहत सामग्री तुरंत पहुंची शिविरों में

संकट पर काबू: ज़िला प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद, हर संभव मदद सुनिश्चित

बागेश्वर ज़िले के कपकोट विकासखंड के पौंसारी और बैसानी गांवों में गुरुवार देर रात भारी वर्षा और बादल फटने से जनहानि हुई तथा कई घर, खेत, सड़कें और पुलिया क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया।

जिलाधिकारी आशीष भटगाईं और कपकोट विधायक माननीय सुरेश गाड़िया ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायज़ा लिया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम के बावजूद प्रशासनिक टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर आपदा प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचकर पीड़ित परिवारों को तुरंत सहायता प्रदान की। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, सुरक्षित आश्रय, तिरपाल, राशन किट और आवश्यक चिकित्सीय सुविधा की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी परिवार को मूलभूत आवश्यकताओं की कमी न हो।

अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि तीन लापता व्यक्तियों की तलाश एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें कर रही हैं। एक घायल व्यक्ति को ग्रामीणों ने राहत दल पहुंचने से पहले ही सुरक्षित निकाल लिया। प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और ठहरने की व्यवस्था हेतु राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैसानी में राहत शिविर स्थापित किया गया है, जहां लगातार आश्रय और आवश्यक सुविधाओं की निगरानी की जा रही है। राहत और बचाव कार्यों की देखरेख के लिए अधिकारियों प्रवीण सिंह गोस्वामी, अर्जुन सिंह रावत और बृजेश रतूड़ी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

संपर्क बहाली के लिए पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई की टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। जिलाधिकारी ने मौके से ही मलबा हटाने और वैकल्पिक मार्ग चिह्नित करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़खे और मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी भी स्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्यों की निगरानी करते रहे।

प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता और सहयोग का भरोसा दिलाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी जिला स्तरीय अधिकारी आपदा नियंत्रण कक्ष से चौबीसों घंटे समन्वय बनाए हुए हैं और स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए हैं।


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