लापता शिक्षिका के पति का अपहरण ड्रामा फेल, दिल्ली में मिला; गुलदार के हमले का रचा था झूठा दृश्य
रानीखेत। रहस्यमय तरीके से लापता हुई शिक्षिका के पति के अपहरण और गुलदार के हमले की आशंका में जिस मामले ने पुलिस और वन विभाग को दिनभर जंगलों में भटकाया, उसका चौंकाने वाला खुलासा हो गया है। पुलिस के अनुसार लापता व्यक्ति मनोज कुमार को दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया गया है। जांच में सामने आया कि उसने पारिवारिक दबाव और निजी जीवन से जुड़े एक बड़े झूठ को छिपाने के लिए पूरे घटनाक्रम की साजिश रची थी।
पुलिस के मुताबिक मनोज कुमार आठ दिसंबर को नैनीताल में साक्षात्कार का बहाना बनाकर घर से निकला था। शाम को रानीखेत-खैरना स्टेट हाईवे पर पन्याली जंगल में जानबूझकर अपनी स्कूटी सड़क से नीचे गिरा दी, ताकि ऐसा प्रतीत हो कि उसे गुलदार ने शिकार बना लिया है। यह इलाका गुलदार की आवाजाही के लिए जाना जाता है, इसी कारण मामला और संदिग्ध हो गया।
स्कूटी मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त रूप से सघन तलाश अभियान चलाया। डॉग स्क्वायड बुलाया गया और आसपास के क्षेत्रों की जांच की गई, लेकिन गुलदार के हमले से जुड़े कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। सीसीटीवी फुटेज में मनोज स्कूटी से रानीखेत की ओर जाता दिखा, लेकिन वह अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचा था।
नौ दिसंबर को गुमशुदगी दर्ज होने के बाद कोतवाल अशोक धनकड़ और एसएसआई कमाल हसन के नेतृत्व में नैनीताल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की गई। जांच में सामने आया कि जिन बैंक शाखाओं में साक्षात्कार का दावा किया गया था, वहां कोई इंटरव्यू निर्धारित ही नहीं था। इससे मामला पूरी तरह संदिग्ध हो गया।
पुलिस के अनुसार मनोज नैनीताल गया ही नहीं था। उसने पूर्व नियोजित योजना के तहत पहाड़ आए अपने दोस्तों से संपर्क किया और उनके साथ दिल्ली जाने की बात तय की। कैंची धाम के आसपास स्कूटी कहीं रखने की योजना बनाई गई, जिसके बाद पन्याली जंगल में स्कूटी गिराकर वह दोस्तों के साथ कार से दिल्ली रवाना हो गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने मोबाइल फोन भी बंद कर दिया, जिसके चलते अपहरण का मुकदमा दर्ज करना पड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देवेंद्र पींचा के निर्देश पर विभिन्न टीमें गठित की गईं। सर्विलांस के माध्यम से सुराग मिलने पर एसएसआई कमाल हसन के नेतृत्व में पुलिस टीम दिल्ली रवाना हुई, जहां दक्षिण दिल्ली के बिजवासन क्षेत्र के एक कमरे से मनोज को बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार वह लगातार ठिकाने बदल रहा था, ताकि पुलिस और स्वजनों की पकड़ से बचा रह सके।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मनोज का पारिवारिक जीवन काफी जटिल था। वर्ष 2019 में उसने स्वजनों को बताए बिना एक युवती से प्रेम विवाह किया था। इसके बाद परिजनों ने फरवरी माह में उसका विवाह एक अन्य युवती से कर दिया, जो वर्तमान में शिक्षिका है। दोनों विवाहों से एक-एक संतान होने के कारण मनोज मानसिक दबाव में था और इसी उलझन से बचने के लिए उसने यह पूरा नाटक रचा।
कोतवाल अशोक धनकड़ ने बताया कि मनोज को पूछताछ के बाद उसके स्वजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई और पारिवारिक निर्णय स्वजन स्तर पर लिया जाएगा।
