शहीद की पत्नी का 21 साल से अटका पेट्रोल पंप, आयुक्त दीपक रावत का विभागों पर सख्त रुख
हल्द्वानी। हल्द्वानी कैंप कार्यालय में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम शनिवार को उस समय बेहद गर्मा गया, जब आयुक्त/सचिव (माननीय मुख्यमंत्री) डॉ. दीपक रावत ने जनता द्वारा प्रस्तुत विभिन्न मामलों की सुनवाई करते हुए कई विभागों की लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। जनसुनवाई के दौरान सबसे संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला शहीद कमांडेंट बीएसएफ एस.के. बमेठा से जुड़ा सामने आया, जिनका ‘ऑपरेशन पराक्रम’ के दौरान शहीद होना राष्ट्र के लिए गर्व का विषय रहा है।
उनकी पत्नी श्रीमती गीतांजलि बमेठा को वर्ष 2004 में HPCL द्वारा पेट्रोल पंप स्वीकृत हुआ था, लेकिन 21 साल बाद भी आवंटन लंबित देखकर आयुक्त का पारा चढ़ उठा। गीतांजलि ने बताया कि NHAI और फायर विभाग की कोई आपत्ति नहीं है, केवल HPCL ही फाइल आगे नहीं बढ़ा रहा है। इस पर आयुक्त ने HPCL, NHAI और पूर्ति अधिकारी को तत्काल तलब करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी आपत्तियों का जल्द निस्तारण कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
PF घोटाले पर भी सख्ती, अन्य मामलों का त्वरित समाधान—आयुक्त बोले: ‘जनता मिलन का उद्देश्य पारदर्शी शासन’
इसी दौरान एक और गंभीर मामला रामनगर की एक फूड कंपनी से जुड़ा सामने आया, जहां लगभग 20 श्रमिकों की PF राशि 2019 से उनके खातों में जमा ही नहीं की गई थी, जबकि कंपनी वेतन से कटौती करती रही। इस पर आयुक्त ने कंपनी स्वामी को तुरंत सभी वर्षों की PF राशि जमा करने और देरी पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दे दी।
जनसुनवाई में नीता मिश्रा के स्थायी निवास प्रमाण पत्र, शंकर जोशी के बाउंस चेक विवाद, पंचम सिंह मेवाड़ी के सरकारी भूमि अतिक्रमण और हीरा देवी की चकबंदी एवं कृषक भूमि नाप से संबंधित समस्याएँ भी सामने आईं, जिनमें से कई मामलों का समाधान मौके पर किया गया, जबकि शेष मामलों के त्वरित निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
कार्यक्रम के अंत में आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि जनता मिलन का मुख्य उद्देश्य जनता की समस्याओं का पारदर्शी और शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है, जिससे आम लोगों में शासन के प्रति विश्वास और मजबूत हो सके।
