बागेश्वर में वनाग्नि प्रबंधन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित, 120 प्रतिभागियों ने लिया भाग
बागेश्वर। जनपद बागेश्वर में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम और प्रभावी प्रबंधन को लेकर बुधवार 07 फरवरी 2026 को वनाग्नि प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत एक एक दिवसीय विशेष जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रभागीय वनाधिकारी बागेश्वर वन प्रभाग के निर्देशन में किया गया।
कार्यशाला में अग्निशमन विभाग बागेश्वर के अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों को वनाग्नि नियंत्रण में प्रयुक्त होने वाले विभिन्न अग्निशमन उपकरणों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही वन क्षेत्राधिकारी श्री केवदानन्द पाण्डे द्वारा वनाग्नि नियंत्रण से संबंधित आवश्यक सावधानियों और रणनीतियों पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में वनाग्नि से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े महिला समूहों, फायर वॉचरों एवं वन विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें वनाग्नि के कारण, प्रभाव, रोकथाम और आग लगने की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया गया।
कार्यशाला में बताया गया कि किसी भी प्रकार की वनाग्नि की सूचना मिलने पर कंट्रोल रूम अथवा वन विभाग को तुरंत सूचित करना अनिवार्य है, ताकि आग को समय रहते फैलने से रोका जा सके।
इसके साथ ही निर्देश दिए गए कि आबादी से सटे वन क्षेत्रों में वनाग्नि की घटनाओं को प्राथमिकता के आधार पर नियंत्रित किया जाए तथा वन सुरक्षा के साथ-साथ स्वयं की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाए।
कार्यक्रम के दौरान यह भी कहा गया कि वनाग्नि की रोकथाम के लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। वन क्षेत्रों के आसपास वृक्षारोपण एवं सुरक्षा उपायों को बढ़ावा देने पर भी बल दिया गया।
इस एक दिवसीय कार्यशाला में कुल 120 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उप प्रभागीय वनाधिकारी श्रीमती तजुला परिहार, वन क्षेत्राधिकारी श्री केवदानन्द पाण्डे, अग्निशमन अधिकारी श्री दिनेश चन्द्र पाठक सहित बागेश्वर वन प्रभाग के अधिकारी, कर्मचारी, फायर वॉचर एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।


