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अल्मोड़ा: नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती होमगार्ड की संदिग्ध मौत, जांच के आदेश

अल्मोड़ा। बेस अस्पताल परिसर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में इलाज करा रहे एक होमगार्ड की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने केंद्र की सीसीटीवी फुटेज और आवश्यक दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार छानी, बाड़ेछीना निवासी 42 वर्षीय होमगार्ड राजेंद्र सिंह बिष्ट को परिजनों ने 21 अगस्त को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था। वह लंबे समय से नशे की लत से जूझ रहे थे। बीते शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

सूत्रों के मुताबिक, 29 अगस्त की सुबह राजेंद्र ने परिजनों से मुलाकात की और दिनभर केंद्र में चल रही गतिविधियों में भी शामिल हुए। देर शाम उन्होंने अचानक वहां रखा सैनिटाइजर पी लिया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के लिए सभी जरूरी रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। राजेंद्र अपने पीछे 11 और 7 वर्ष के दो बच्चों को छोड़ गए हैं, जो वर्तमान में अल्मोड़ा में पढ़ाई कर रहे हैं।

जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। इसमें एसडीएम, सीओ, सीएमओ और समाज कल्याण अधिकारी शामिल हैं। समिति को जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजेंद्र की मौत के बाद नशा मुक्ति केंद्र की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। हाल ही में 28 अगस्त को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसी केंद्र का वर्चुअल उद्घाटन किया था। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि नशा मुक्ति जैसे संवेदनशील केंद्र में सैनिटाइजर जैसी घातक वस्तु खुले में क्यों रखी गई? क्या मरीजों की काउंसलिंग और निगरानी पर्याप्त रूप से की जा रही थी? क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया? इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल 30 क्षमता वाले इस नशा मुक्ति केंद्र में 12 मरीज इलाज करा रहे हैं।


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