अल्मोड़ा में ‘माओवादी आतंक’ के पोस्टर से हड़कंप! व्यस्त बाजारों में चस्पा पर्चों ने फैलाया डर
अल्मोड़ा। पहाड़ की शांत फिज़ा सोमवार सुबह उस वक्त दहशत में बदल गई, जब नगर के सबसे व्यस्त इलाकों—चौघानपाटा और केमू स्टेशन—में संदिग्ध माओवादी पोस्टर चस्पा मिले। बाजार खुलते ही लोगों की नजर जैसे ही इन पोस्टरों पर पड़ी, शहर में सनसनी फैल गई।
पोस्टरों पर बड़े अक्षरों में लिखा था— “अल्मोड़ा में माओवादियों का आतंक”। इतना ही नहीं, इनमें एक घर को निशाना बनाए जाने, महिलाओं के साथ दुराचार और कुछ सरकारी कर्मचारियों की कथित संलिप्तता जैसे गंभीर आरोप भी दर्ज थे।
सुबह-सुबह किसी राहगीर ने पोस्टरों की तस्वीर खींचकर सोशल मीडिया पर डाल दी। देखते ही देखते फोटो वायरल हो गई और नगर में अफवाहों का दौर शुरू हो गया। लोगों के बीच भय और असमंजस का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही पुलिस और खुफिया एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। मौके पर पहुंचकर पोस्टर हटवाए गए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान कर उसे कोतवाली लाया गया।
पुलिस पूछताछ के दौरान संबंधित व्यक्ति पोस्टरों में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस तथ्य पेश नहीं कर सका। अधिकारियों के अनुसार उसकी मानसिक स्थिति भी कमजोर प्रतीत हुई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर घोडके ने बताया कि मामले में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पुलिस एक्ट के तहत चालान किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि शहर में दहशत फैलाने और अफवाहों को हवा देने वाली हरकतों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें और अपुष्ट खबरों को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें।

