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चार साल से प्रधानाचार्य विहीन है नौगांव इंटर कॉलेज, रीठागाड़ क्षेत्र के छात्रों का भविष्य अधर में

संवाददाता: सीमा खेतवाल |

अल्मोड़ा जनपद के भैसियाछाना विकासखंड अंतर्गत रीठागाड़ क्षेत्र में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज नौगांव पिछले चार वर्षों से बिना प्रधानाचार्य के संचालित हो रहा है। विद्यालय की स्थिति दिन-ब-दिन चिंताजनक होती जा रही है। बीते दो वर्षों से कार्यालय में न तो बापू है और न ही कोई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी। इसके अलावा चार प्रवक्ताओं के पद भी रिक्त पड़े हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था गम्भीर रूप से प्रभावित हो रही है।

यह इंटर कॉलेज क्षेत्र का सबसे पुराना शैक्षणिक संस्थान माना जाता है, जिसकी स्थापना वर्ष 1975 में हाईस्कूल और 1980 में इंटर कॉलेज के रूप में हुई थी। इस विद्यालय की नींव स्वर्गीय सोबन सिंह जीना (तत्कालीन पर्वतीय विकास मंत्री) और स्वर्गीय गोबिंद सिंह बिष्ट (पूर्व विधायक) द्वारा रखी गई थी।

तीन-चार वर्ष पहले तक यहां छात्रों की संख्या 300 से अधिक हुआ करती थी, लेकिन वर्तमान में घटकर यह संख्या मात्र 230 के आसपास रह गई है। प्रधानाचार्य व प्रवक्ताओं की कमी के कारण विद्यालय का शैक्षिक स्तर प्रभावित हो रहा है।

इसका सबसे अधिक असर रीठागाड़ क्षेत्र के गरीब परिवारों की बेटियों पर पड़ रहा है। हाईस्कूल के बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए दूरदराज स्कूलों में बच्चों को भेजना संभव नहीं है, जिससे कई छात्राएं आगे की पढ़ाई बीच में ही छोड़ देती हैं।

स्थानीय लोगों ने शिक्षा विभाग और सरकार से मांग की है कि रिक्त पदों पर जल्द से जल्द नियुक्ति की जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके और क्षेत्र के इस ऐतिहासिक विद्यालय की गरिमा फिर से लौट सके।


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