सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में जयंती समारोह व संगोष्ठी का आयोजन, प्रधानाचार्य अव्वल सिंह तोपाल को मिला ‘जीना अवार्ड 2025’
संवाददाता: सीमा खेतवाल
अल्मोड़ा । एस.एस. जीना विश्वविद्यालय परिसर में सोमवार को उत्तराखंड के प्रख्यात शिक्षाविद् और जननेता स्वर्गीय सोबन सिंह जीना की 116वीं जयंती के अवसर पर एक विचार संगोष्ठी और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सोबन सिंह जीना न्यास के तत्वावधान में तथा गणित विभाग के सहयोग से अधिवक्ता गोविंद भंडारी और बीडीएस नेगी के संयोजन में संपन्न हुआ।
संगोष्ठी का विषय “उत्तराखंड की राजधानी – तब, अब और कब” था, जिसमें राज्य की राजधानी गैरसैंण की आवश्यकता और पहाड़ की उपेक्षा जैसे गंभीर विषयों पर वक्ताओं ने विचार रखे। संगोष्ठी की अध्यक्षता पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान ने की, जबकि संचालन गोविंद भंडारी ने किया।
इस अवसर पर विवेकानंद विद्या मंदिर, अल्मोड़ा के प्रधानाचार्य श्री अव्वल सिंह तोपाल को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान हेतु “जीना अवार्ड 2025” से सम्मानित किया गया।
श्री तोपाल की इस उपलब्धि को समारोह में विशेष रूप से सराहा गया। उन्होंने अपने संबोधन में इस सम्मान को विद्या भारती संस्थान, विद्यालय परिवार और अपने परिजनों को समर्पित करते हुए कहा कि,
“यह सम्मान मेरे लिए एक प्रेरणादायक मील का पत्थर है, जो आगे भी मुझे शिक्षा के क्षेत्र में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करते रहने की ऊर्जा देगा।”
मुख्य वक्ता पीसी तिवारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य निर्माण की भावना, शासन प्रणाली की विसंगतियों और पर्वतीय क्षेत्रों की लगातार उपेक्षा पर गहन विचार रखे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह ने विश्वविद्यालय की चुनौतियों— जैसे नियमित फैकल्टी की नियुक्ति, आधारभूत ढांचे की कमी और संसाधनों के अभाव—का उल्लेख करते हुए इन समस्याओं के समाधान हेतु ठोस ब्लूप्रिंट तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले वर्ष से सोबन सिंह जीना की जयंती को विश्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों और परिसरों में आधिकारिक रूप से मनाया जाएगा।
नगर पालिका अध्यक्ष अजय वर्मा ने पहाड़ी क्षेत्र में राजधानी की स्थापना को विकास के लिए आवश्यक बताया, जबकि पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान ने स्व. जीना के पर्वतीय विकास में योगदान को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं को भी उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित संस्थानों में विवेकानंद विद्या मंदिर, कुर्मांचल एकेडमी, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, अल्मोड़ा इंटर कॉलेज, एडम्स और पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज शामिल रहे।
संगोष्ठी में जेसी दुर्गापाल, डा. जमन सिंह बिष्ट, शोभा जोशी, बिट्टू कर्नाटक, पीसी तिवारी, सुरेश सुयाल सहित कई प्रबुद्ध वक्ताओं ने विचार साझा किए। कार्यक्रम का समापन दयाकृष्ण काण्डपाल ने आभार ज्ञापन के साथ किया।
इसके अतिरिक्त, जिला बार एसोसिएशन, अल्मोड़ा द्वारा बार भवन में भी स्व. सोबन सिंह जीना की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता गोविंद लाल वर्मा ने की, जिसमें वक्ताओं ने जीना जी के आदर्शों और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में महेश परिहार, चामू सिंह गस्याल, महेश चंद्र, पंकज लटवाल, आज़ाद खान, माधो सिंह बिष्ट, कविंद्र पंत, नीतू कपकोटी, रमाशंकर नैनवाल, मुरली मनोहर भट्ट, रीता मेहरा, अखिलेश टम्टा, सचिन दीपचंद जोशी सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।
