निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आंदोलनकारियों का प्रदर्शन, सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
हल्द्वानी। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध जताया। मंच के जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं।

ज्ञापन में कहा गया कि शहर के निजी स्कूल हर साल मनमाने तरीके से फीस में बढ़ोतरी कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि सत्र की शुरुआत में स्कूल एनसीईआरटी की किताबें अनिवार्य बताते हैं, लेकिन पढ़ाई शुरू होते ही अभिभावकों को विशेष बुक सेलरों की दुकानों से महंगी किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया जाता है।
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इसके अलावा, स्कूल प्रबंधन द्वारा हर साल ड्रेस में बदलाव कर अभिभावकों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव बनाया जाता है। वहीं स्कूल बसों की फीस भी बिना किसी नियंत्रण के बढ़ाई जा रही है, जो पूरी तरह अनुचित है।
मंच के पदाधिकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि निजी स्कूलों में शिक्षा का स्तर इतना उच्च है, तो फिर छात्रों को महंगे ट्यूशन की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि निजी स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता की भी नियमित निगरानी की जाए।
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आंदोलनकारियों ने जिला प्रशासन से पूरे वर्ष निजी स्कूलों की गतिविधियों पर सख्त नजर रखने, फीस वृद्धि पर नियंत्रण लगाने, किताबों और ड्रेस की अनिवार्यता पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा परिवहन शुल्क को नियंत्रित करने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने वालों में राजेंद्र सिंह बिष्ट के साथ व्यापारी नेता जसविंदर भसीन, कमल जोशी, पूरन सिंह, ईशाक खान, दीपक रौतेला सहित कई लोग मौजूद रहे।
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