रामनगर: गौमांस तस्करी के शक में भीड़ ने लोडर चालक को पीटा, 49 लोगों पर मुकदमा दर्ज — माहौल बिगड़ने की आशंका से पुलिस सतर्क
रामनगर। गौमांस तस्करी के शक में लोडर वाहन पर भीड़ द्वारा हमला करने और चालक को बेरहमी से पीटने के मामले में रामनगर और कालाढूंगी कोतवाली पुलिस ने कुल 49 लोगों के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। पुलिस अब वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है।
घटना गुरुवार शाम की है, जब बरेली से मांस लोड कर आ रहा एक कूलिंग कंटेनर वाहन रामनगर कोतवाली क्षेत्र के छोई के पास रोका गया। वाहन में मांस देखकर कुछ लोग भड़क गए और चालक नासिर पर गौमांस तस्करी का आरोप लगाते हुए उस पर हमला कर दिया। भीड़ ने चालक को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और वाहन में तोड़फोड़ की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
हमले में गंभीर रूप से घायल चालक नासिर निवासी नई बस्ती, गुलरघट्टी, रामनगर को पहले हल्द्वानी और फिर काशीपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, नासिर के सिर में गहरी चोट है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
नासिर की पत्नी नूरजहां की तहरीर पर रामनगर कोतवाली पुलिस ने भाजपा नेता मदन जोशी समेत पांच नामजद और 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास, बलवा और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि भीड़ ने लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से उसके पति की जान लेने की कोशिश की।
इसी मामले में कालाढूंगी कोतवाली की बैलपडाव चौकी पुलिस ने वाहन में तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप में 14 नामजद व कई अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा दर्ज किया है। तहरीर हनीफ पुत्र रहीस निवासी केलाखेड़ा की ओर से दी गई, जिसमें बीएनएस 2023 की धारा 190/191(2)/191(3)/324(4)/109 के तहत कार्रवाई की गई है।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए रामनगर में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है। पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
इस बीच, आइसा के नगर अध्यक्ष सुमित कुमार ने घटना को “मॉब लिंचिंग का गंभीर मामला” बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से शहर का साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है, इसलिए पुलिस को आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
दूसरी ओर, पुलिस ने वाहन स्वामी सलीम खताड़ी और चालक नासिर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। यह केस करन पुत्र किशन निवासी छोई की तहरीर पर दर्ज हुआ है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि प्रतिबंधित मांस ले जा रहे वाहन ने रोकने का प्रयास करने वालों पर वाहन चढ़ाने की कोशिश की।
नासिर के परिवार ने बताया कि वे मजदूरी कर गुजारा करते हैं और अब इलाज के खर्चों से आर्थिक संकट में हैं। नासिर की पत्नी नूरजहां ने कहा, “हम हमेशा समाज में मिलजुलकर रहने वाले लोग हैं, पर अब डर लगने लगा है। अगर इलाज लंबा चला तो हमारे पास खाने के भी पैसे नहीं बचेंगे।”
रामनगर कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। “जो भी दोषी होगा, चाहे वह किसी भी पक्ष से हो — उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी,” उन्होंने कहा।
