ऋषिकेश: संदिग्ध परिस्थितियों में जली विवाहिता ने तोड़ा दम, परिजनों ने ससुराल पक्ष पर पेट्रोल डालकर जलाने का लगाया आरोप
ऋषिकेश। दहेज उत्पीड़न का एक और दर्दनाक मामला सामने आया है। संदिग्ध परिस्थितियों में आग से बुरी तरह झुलसी एक विवाहिता ने एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पीड़िता की पहचान भारती के रूप में हुई है, जिसकी शादी अक्टूबर 2024 में हुई थी। विवाहिता का ससुराल जनपद हरिद्वार में है, जबकि मायका देहरादून जनपद के डोईवाला क्षेत्र में बताया जा रहा है।
परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के बाद से ही भारती को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। कई बार समझाने और सामाजिक पंचायतों के बावजूद ससुराल वाले अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। स्थानीय नागरिकों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता भी कराया था, लेकिन कुछ दिन बाद ससुराल पक्ष ने उसे भी मानने से इंकार कर दिया।
परिजनों का कहना है कि कुछ दिन पहले ही भारती ने फोन पर उन्हें बुलाया था। रास्ते में ही पति ने सूचना दी कि भारती को आग लग गई है। जब परिवार हरिद्वार पहुंचा तो वह बुरी तरह झुलसी हुई थी। पहले उसे हरिद्वार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे एम्स ऋषिकेश रेफर कर दिया।
डॉक्टरों के मुताबिक, भारती 80 प्रतिशत तक जल चुकी थी, जिसके चलते उसकी हालत बेहद नाजुक बनी रही और अंततः उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने पहले ही पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अब परिजनों ने ससुराल पक्ष के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच दहेज उत्पीड़न और हत्या के कोण से की जा रही है, और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
