बेटे की साजिश ने तोड़ा कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ का दिल, खुद मंच पर आकर खोली सच्चाई, फूट-फूट कर रोए
उत्तराखंड की राजनीति में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पूर्व कैबिनेट मंत्री और किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने अपने ही बेटे पर लगे कथित हमले की सच्चाई खुद मीडिया के सामने उजागर कर दी। विधायक ने स्वीकार किया कि उनके बेटे सौरभ राज बेहड़ पर हुआ हमला पूरी तरह से फर्जी था और यह साजिश खुद सौरभ ने अपने एक पार्षद मित्र के साथ मिलकर रची थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक नजर आए तिलक राज बेहड़ ने बताया कि उन्हें देर रात से ही इस मामले को लेकर कुछ संकेत मिलने लगे थे, लेकिन सुबह पूरी हकीकत सामने आई। उन्होंने कहा कि सौरभ ने अपने पार्षद दोस्त इंद्र के साथ मिलकर खुद पर हमला करवाने की योजना बनाई थी, ताकि एक झूठी कहानी गढ़ी जा सके।
विधायक ने माना कि अगर समय रहते यह बात उन्हें या परिवार के किसी सदस्य को बता दी जाती, तो मामला यहां तक नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा कि इस घटना से न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है, बल्कि उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को भी गहरा नुकसान हुआ है। इसी भावुकता में उन्होंने समाज, पार्टी नेतृत्व, समर्थकों, शुभचिंतकों और सभी राजनीतिक दलों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी।
तिलक राज बेहड़ ने पुलिस पूछताछ में शामिल लोगों और उनके परिवारों से भी क्षमा याचना की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक ने उन्हें सहानुभूति दी थी, लेकिन उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे उनका ही बेटा होगा।
विधायक ने यह भी खुलासा किया कि सौरभ और उसकी पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। अगर सौरभ इस बारे में उनसे खुलकर बात करता, तो कोई समाधान निकाला जा सकता था। उन्होंने बताया कि शादी के बाद बेटे को अलग कर दिया गया था और उसका हक भी पहले ही दिया जा चुका था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तिलक राज बेहड़ भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए। उन्होंने कहा कि सौरभ ने उन्हें किडनी दान की थी, इसी कारण उनसे गहरा भावनात्मक लगाव था। लेकिन जो साजिश उसने रची, वह माफी के लायक नहीं है। यह कहते हुए विधायक फफक-फफक कर रो पड़े और ऐलान किया कि अब वे बेटे से अपने सभी रिश्ते समाप्त कर रहे हैं।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सौरभ बेहड़ ने दावा किया था कि नकाबपोश बदमाशों ने उस पर जानलेवा हमला किया है, जिसके बाद उसे रुद्रपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय इस घटना से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया था। अब जब सच्चाई सामने आई है, तो हर कोई हैरान है और इस पूरे प्रकरण ने राजनीति से लेकर समाज तक को झकझोर कर रख दिया है।
