जिलाधिकारी की सख्त चेतावनी: विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, PMGSY की धीमी प्रगति पर गंभीर नाराजगी
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को विकास भवन सभागार, भीमताल में जिले के विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। उन्होंने जिला योजना, राज्य योजना, केंद्र पोषित और बाह्य सहायतित योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त धनराशि से कराए जा रहे कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति का जायजा लिया। समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने बीस सूत्री कार्यक्रम की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया, जहाँ 42 मदों में से 5 विभागों को ‘D’ श्रेणी प्राप्त होने पर उन्होंने गंभीर नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने ‘B’, ‘C’ और ‘D’ श्रेणी वाले सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए कि वे लक्ष्य पूर्ति करते हुए जल्द से जल्द ‘A’ श्रेणी में आएं। खासकर, ग्रामीण कनेक्टिविटी में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) की धीमी प्रगति के कारण ‘D’ श्रेणी की स्थिति पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए दिसंबर माह तक ‘A’ श्रेणी में सुधार लाने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि PMGSY एक “गेम चेंजर” योजना है और इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि शासकीय कार्यों में देरी और लापरवाही क्षम्य नहीं होगी, और जिला योजना की प्राप्त धनराशि को मार्च में व्यय करने की परंपरा समाप्त करते हुए दिसंबर माह तक शत-प्रतिशत खर्च करने का लक्ष्य रखें।
अंत में, उन्होंने लोक निर्माण, सिंचाई, समाज कल्याण, माध्यमिक शिक्षा और उरेडा जैसे धीमी प्रगति वाले विभागों को माह के अंत तक लक्ष्य के सापेक्ष धनराशि व्यय करने का निर्देश दिया। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी ने बताया कि जिला योजना में 55% और राज्य योजना में 64% धनराशि व्यय की जा चुकी है, जबकि बाह्य सहायतित में शत-प्रतिशत व्यय हुआ है।
