कपकोट तहसील के तल्ला सुपी गांव में महिलाओं ने ऐसा फैसला लिया
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नशे का किला ढहाया! पहाड़ की महिलाओं का बड़ा फरमानशराब बिकेगी तो 25 हजार जुर्माना

कपकोट (बागेश्वर)। देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ों से नशे के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त और चौंकाने वाली कार्रवाई सामने आई है। कपकोट तहसील के तल्ला सुपी गांव में महिलाओं ने ऐसा फैसला लिया है, जिससे शराब माफिया में हड़कंप मच गया है। अब गांव में शराब बेचना या खरीदना पकड़े गए तो सीधे ₹25,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।

महिलाओं ने साफ ऐलान कर दिया है— अब शादी-ब्याह, भोज या किसी भी आयोजन में शराब परोसी गई, तो उस परिवार पर ₹30,000 का भारी दंड लगेगा। महिला मंगल दल के इस फैसले को ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का खुला समर्थन मिल चुका है।

भागुली देवी बनीं नशा माफिया की काल

इस ऐतिहासिक आंदोलन की कमान संभाली है भागुली देवी ने, जिन्होंने ‘जय श्री अलखनाथ देवता एकता दल’ बनाकर गांव में नशे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उनके साथ सरपंच चंद्रकला टाकुली और पीएलवी चंपा देवी समेत गांव की हर महिला कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हो गई है। शुक्रवार को हुई बैठक में भागुली देवी को महिला मंगल दल का अध्यक्ष चुना गया।

महिलाओं ने गांव की गलियों में जागरूकता रैली निकालकर एलान कर दिया—
👉 नशा छोड़ो, वरना गांव छोड़ो।”
नई नियमावली की जानकारी हर घर तक पहुंचा दी गई है।

महिलाओं ने एक तरफ सख्ती दिखाई है, तो दूसरी तरफ मानवीय रास्ता भी खोला है। जो लोग नशे का कारोबार छोड़ना चाहते हैं, उन्हें रोजगार से जोड़ने में मदद की जाएगी।
लेकिन चरस बनाने और बेचने वालों के लिए चेतावनी साफ है—
❌ सामाजिक बहिष्कार
❌ पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग

तल्ला सुपी गांव की महिलाओं का यह फैसला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। सवाल उठ रहा है—क्या अब पहाड़ की महिलाएं नशे के खिलाफ सबसे बड़ा आंदोलन छेड़ने जा रही हैं?


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