उत्तराखंड भूमि वर्चुअल रजिस्ट्री योजना 2026 | पारदर्शी भूमि खरीद-बिक्री प्रणाली
देहरादून: उत्तराखंड सरकार भूमि खरीद-बिक्री प्रक्रिया को पूरी तरह वर्चुअल बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उत्तराखंड भूमि वर्चुअल रजिस्ट्री प्रणाली की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित समयसीमा के भीतर वर्चुअल रजिस्ट्रेशन प्रणाली को लागू किया जाए ताकि राज्यभर में भूमि के क्रय-विक्रय से जुड़ी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल बने। उन्होंने कहा कि वर्चुअल रजिस्ट्री से समय की बचत के साथ-साथ भूमि विवादों में भी कमी आएगी।
सभी हितधारकों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि भूमि की वर्चुअल रजिस्ट्री लागू करने के लिए सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि एप्लीकेशन में ऐसा फीचर जोड़ा जाए, जिससे भूमि खरीद-बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेज़ ऑटोमोड और पेपरलेस प्रक्रिया में तत्काल साझा किए जा सकें।
2026 से पूरे राज्य में लागू होगी योजना
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि संबंधित एप्लीकेशन तैयार हो चुकी है। बैठक के बाद आवश्यक संशोधनों के उपरांत इसके इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण हेतु टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से पूरे उत्तराखंड में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस पोर्टल में भूमि की रजिस्ट्री के तीन विकल्प उपलब्ध होंगे—
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भौतिक विकल्प: पारंपरिक तरीके से दस्तावेज़ों के साथ रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थिति।
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पेपरलेस विकल्प: डिजिटल माध्यम से कार्यालय में रजिस्ट्री।
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वर्चुअल विकल्प: पूरी तरह ऑनलाइन, बिना मीडिएटर के रजिस्ट्रेशन।
पारदर्शिता और विवादमुक्त व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम
अधिकारियों के अनुसार, इस उत्तराखंड भूमि वर्चुअल रजिस्ट्री प्रणाली से राज्य में भूमि संबंधी भ्रष्टाचार और विवादों पर अंकुश लगेगा। इससे सभी विभागों के बीच एक समान रिकॉर्ड साझा किया जा सकेगा और जनता को घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा मिलेगी।
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