शिक्षकों ने करियर काउंसलिंग और स्थानीय नवाचार पर प्रस्तुत किए प्रोजेक्ट्स
बागेश्वर। खंड शिक्षा अधिकारी सभागार में आयोजित तीन दिवसीय कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम (Skill-Based Training Program) का आज सफल समापन हुआ। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने करियर काउंसलिंग, स्थानीय उत्पादन, और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों में भाग लेकर अपने कौशल का प्रदर्शन किया।
मास्टर ट्रेनर डॉ. नीलम पांडे ने बताया कि प्रशिक्षण की शुरुआत माइंडफुलनेस और पिछले दिनों की गतिविधियों की समीक्षा से हुई। कक्षा 10 के शिक्षकों ने विभिन्न ग्रुप्स में करियर काउंसलिंग से जुड़े पहलुओं पर प्रस्तुति दी और रोजगार की संभावनाओं को विस्तार से समझाया।
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वहीं, मास्टर ट्रेनर गौरी शंकर काण्डपाल ने बताया कि कक्षा 11 के शिक्षकों ने “कुछ तुम बेचो, कुछ हम खरीदें” थीम पर प्रोजेक्ट तैयार किए। पहले समूह ने “स्थानीय उत्पादन तिमुर के दंत मंजन”, दूसरे समूह ने “पौराणिक लोक वाद्य यंत्रों एवं परंपराओं”, और तीसरे समूह ने “स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सिलाई-कढ़ाई व्यवसाय” पर अपने मॉडल प्रस्तुत किए।
प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और “कौशलम कार्यक्रम (Kaushalam Program)” को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन कौशलम कोऑर्डिनेटर दीपा रैकवाल ने किया और सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर अनुराधा, भावना, रेणुका बाला, चंद्र मोहन तिवारी, तारा दत्त, रिचा रानी, रश्मि गहतोडी, किरण भाटिया सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।
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