पुलिस की पिटाई से परेशान युवक ने जहर खाकर दी जान देने की कोशिश, एसटीएच में भर्ती
निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर लोगों में आक्रोश, देर रात तक अस्पताल में जुटी भीड़
हल्द्वानी। राजपुरा चौकी क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की कथित पिटाई और धमकियों से परेशान एक युवक ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। आनन-फानन में परिजनों ने उसे सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) पहुंचाया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं स्थानीय लोगों में आक्रोश है।
राजपुरा पड़ाव वार्ड नंबर 13 निवासी बबलू कश्यप (24 वर्ष) नैनीताल रोड स्थित एक मॉल में काम करता है। परिजनों के अनुसार, 5 अक्टूबर को पुलिस ने मोबाइल और नकदी चोरी के मामले में बबलू को राजपुरा चौकी बुलाया था। आरोप है कि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उससे पूछताछ के दौरान बेरहमी से पिटाई की।
इसी तरह 8 अक्टूबर को फिर चौकी बुलाकर दोबारा मारपीट की गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। परिजनों का कहना है कि बीते शुक्रवार को जब पुलिस ने तीसरी बार चौकी बुलाने की बात कही, तो बबलू डर और तनाव में आ गया। उसी शाम उसने घर पर जहर खा लिया। परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
घटना की जानकारी फैलते ही देर रात तक वार्ड 12 और 13 के लोग अस्पताल पहुंचे और पीड़ित का हालचाल लिया। इस दौरान स्थानीय युवा नेता हेमंत साहू और ध्रुव कश्यप भी पहुंचे और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
अस्पताल में भर्ती बबलू ने बताया कि वह मेहनत से काम करता है और निर्दोष है। “पुलिस ने मुझे गलत उठाया, जबकि मोबाइल पहले ही बरामद हो चुका था। अब वे मुझे नकदी चोरी के झूठे केस में फंसा रहे हैं,” उसने कहा।
इधर, बबलू की सास बबली देवी पत्नी चेतराम, निवासी राजपुरा, ने शनिवार को कोतवाली पुलिस को तहरीर सौंपी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में शिकायत लेने से इनकार कर दिया। शाम को मामला बढ़ने पर ही तहरीर रिसीव की गई।
इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब जनता ही पुलिस से असुरक्षित महसूस करने लगे, तो न्याय की उम्मीद कैसे की जाए। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
