मनरेगा, श्रम संहिताओं और गरीब विरोधी नीतियों के खिलाफ उपपा करेगी निर्णायक संघर्ष
उत्तराखंड: उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने केंद्र और राज्य सरकार की जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ व्यापक संघर्ष की घोषणा की है। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी, प्रधान महासचिव प्रभात ध्यानी और महासचिव नरेश नौड़ियाल ने संयुक्त बयान जारी कर देश और प्रदेश की जनता से इन नीतियों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
उपपा नेताओं का कहना है कि सरकार की हालिया नीतियां गरीब, मजदूर और ग्रामीण समुदायों के अधिकारों पर सीधे हमला कर रही हैं। उन्होंने चेताया कि ये कदम लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर कर कॉर्पोरेट हितों को बढ़ावा दे रहे हैं और आम जनता को हाशिये पर धकेल रहे हैं।
मनरेगा पर हमला:
पार्टी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में किए गए बदलावों की कड़ी निंदा की। उपपा के अनुसार कार्यदिवसों में कटौती, मजदूरी भुगतान में देरी और बजट में कमी जैसी नीतियां ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों को खतरे में डाल रही हैं। पार्टी ने मांग की कि मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में मजबूत किया जाए।
नवीन श्रम संहिताओं के विरोध में:
उपपा ने 2020 में पारित चार श्रम संहिताओं—कोड ऑन वेजेज, इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड और सोशल सिक्योरिटी कोड—को मजदूर विरोधी बताया। पार्टी का कहना है कि इन कानूनों से हड़ताल का अधिकार सीमित, छंटनी आसान और कॉर्पोरेट को अनुचित लाभ मिल रहा है। उपपा ने इन्हें रद्द कर मजदूर-हितैषी संशोधन की मांग की है।
गरीबों के घरों पर बुलडोजर:
उत्तराखंड में अतिक्रमण के नाम पर गरीब और कमजोर वर्गों के घरों पर बुलडोजर चलाने की नीतियों की भी पार्टी ने आलोचना की। हल्द्वानी, देहरादून और रामनगर सहित कई क्षेत्रों में हजारों परिवारों को बिना उचित सुनवाई और पुनर्वास के उजाड़ा गया। उपपा ने प्रभावित परिवारों को न्याय और पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग की।
जन आंदोलन की अपील:
उपपा ने सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे इन अन्यायपूर्ण नीतियों के खिलाफ एकजुट हों। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में सरकार जनता की सेवक होती है, न कि कॉर्पोरेट्स की। उपपा आगे इन मुद्दों पर व्यापक जन आंदोलन छेड़ेगी और उत्तराखंड के प्रगतिशील संगठनों के साथ मिलकर न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
