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उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने रचा नया कीर्तिमान, SWAYAM प्लेटफॉर्म पर दर्ज की रिकॉर्ड सफलता

42 हजार से अधिक शिक्षार्थियों ने जुलाई 2025 सत्र में किए नामांकन, डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में UOU ने फिर कायम की अग्रणी भूमिका

हल्द्वानी: उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) ने एक बार फिर ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्टता का परचम लहराया है। विश्वविद्यालय ने भारत सरकार के SWAYAM प्लेटफॉर्म पर उत्तराखंड के सभी विश्वविद्यालयों में सर्वाधिक Massive Open Online Courses (MOOCs) संचालित कर नया रिकॉर्ड बनाया है।

जुलाई 2025 सत्र में विश्वविद्यालय द्वारा संचालित 12 MOOCs में कुल 42,254 शिक्षार्थियों ने नामांकन किया — जो किसी भी एक सत्र में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक्स, वेब टेक्नोलॉजी, प्रबंधन, शिक्षा और जीवन कौशल जैसे आधुनिक और उपयोगी विषयों पर आधारित ये कोर्स विश्वविद्यालय की डिजिटल नवाचार क्षमता और तकनीकी दक्षता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

प्रमुख कोर्सों की उल्लेखनीय सफलता

UOU का प्रसिद्ध कोर्स “Introduction to Cyber Security” लगातार भारत के शीर्ष non-NPTEL MOOCs में शामिल है, जिसके अब तक 1.29 लाख से अधिक नामांकन हो चुके हैं। इसी तरह,

  • “Web Technology” कोर्स को 26,225 शिक्षार्थियों,

  • और “Digital Forensics” को 24,168 शिक्षार्थियों ने जॉइन किया है।

अब तक विश्वविद्यालय के MOOCs में 2,06,536 से अधिक शिक्षार्थी पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें 60 से अधिक देशों के विद्यार्थी शामिल हैं — यह UOU की वैश्विक लोकप्रियता और शिक्षण गुणवत्ता को दर्शाता है।

कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहानी का बयान

कुलपति प्रो. लोहानी ने कहा,

“दो लाख से अधिक नामांकन केवल एक संख्या नहीं, बल्कि यह उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में शिक्षार्थियों के विश्वास, गुणवत्ता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हमारा उद्देश्य उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ, लचीला और जीवनोपयोगी बनाना है।”

विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020), National Credit Framework (NCrF) और National Skills Qualification Framework (NSQF) के लक्ष्यों के अनुरूप life-long learning और skill-based education को प्रोत्साहित कर रहा है।

हाल ही में SWAYAM बोर्ड ने UOU के एक कोर्स का चयन 8 भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए किया है — जो क्षेत्रीय भाषाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

इसके साथ ही, विश्वविद्यालय अब हिंदी माध्यम में MOOCs विकसित करने की दिशा में कार्यरत है। आगामी कोर्स “AI for All” कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) को जनसुलभ और सरल बनाने का प्रयास होगा।

विश्वविद्यालय ने एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) परियोजना के तहत Educational Multimedia Production Centre (EMPC) की स्थापना का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया है। इस केंद्र से डिजिटल कंटेंट निर्माण, प्रसारण और शैक्षणिक नवाचारों को नई गति मिलेगी।


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