पंचायत उपचुनाव परिणाम
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उत्तराखंड पंचायत उपचुनाव: 4,700 से अधिक पंचायतें कोरम न होने से अधर में, आज आएंगे नतीजे

उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में इस वर्ष जुलाई में कराए गए त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के बाद बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाने से पंचायत प्रणाली अधर में लटकी हुई थी। अब इन रिक्त पदों को भरने के लिए हुए उपचुनावों के परिणाम आज शनिवार को घोषित किए जाएंगे। नतीजों का इंतज़ार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद उत्सुकता के साथ किया जा रहा है।

राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, उत्तराखंड के 12 जिलों में ग्राम पंचायत सदस्य के कुल 55,587 पद थे, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इनमें से 32,934 पदों पर किसी भी उम्मीदवार ने नामांकन नहीं किया। इससे न केवल पंचायतों का गठन प्रभावित हुआ, बल्कि कई गांवों में विकास कार्य भी अटक गए।

ग्राम पंचायत का गठन करने के लिए न्यूनतम संख्या में सदस्यों का होना अनिवार्य है। लेकिन भारी संख्या में पदों के रिक्त रहने के कारण राज्य की 4,792 ग्राम पंचायतें अभी भी कोरम पूरा नहीं कर सकी हैं। इन पंचायतों में न तो निर्णय लिए जा सके और न ही कोई आधिकारिक बैठक हो सकी, जिससे स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण दोनों परेशान हैं।

प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के पद भी खाली

सदस्य पदों के अलावा:

  • ग्राम प्रधान के 22 पद

  • क्षेत्र पंचायत सदस्य के 2 पद

  • जिला पंचायत सदस्य का 1 पद
    भी बिना उम्मीदवार के खाली पड़े हुए हैं। इन पदों के खाली रहने से पंचायत स्तर की व्यवस्थाओं में बाधाएं आ रही थीं।

चुनाव आयोग ने रिक्त पदों पर उपचुनाव कराए हैं, जिनकी गिनती आज की जा रही है। सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। ग्रामीण इलाकों में सुबह से ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की भीड़ मतदान केंद्रों और परिणाम स्थलों के बाहर अहम अपडेट का इंतजार कर रही है।

एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने बताया कि “अधिकांश क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण रहा। उपचुनावों के परिणाम आने के बाद बहुत सी ग्राम पंचायतों में कोरम पूरा हो जाएगा, जिससे पंचायत कार्य फिर से सुचारू हो सकेंगे।”

परिणाम घोषणा के साथ ही हजारों ग्राम पंचायतें फिर से सक्रिय होने की दिशा में बढ़ेंगी। इससे ग्रामीण विकास योजनाओं, बजट आवंटन और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।


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