संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने कॉर्बेट प्रशासन पर गंभीर आरोप
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आदमखोर टाइगर के खौफ से उबाल पर सांवल्दे, 9 जनवरी को वन चौकी का घेराव करेंगे ग्रामीण

रामनगर। 2 जनवरी को ग्राम सांवल्दे निवासी सुखिया की आदमखोर टाइगर के हमले में मौत के बाद भी वन विभाग अब तक टाइगर को पकड़ने में नाकाम रहा है। इस लापरवाही से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़कों पर फूटने वाला है। ग्रामीणों ने 9 जनवरी शुक्रवार को सांवल्दे पूर्व स्थित वन चौकी का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

सांवल्दे पश्चिम में संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने कॉर्बेट प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग ने केवल औपचारिकता निभाते हुए मौके पर पिंजरा लगा दिया, लेकिन आदमखोर टाइगर को पकड़ने के लिए कोई ठोस और गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। नतीजतन टाइगर लगातार गांव के आसपास मंडरा रहा है, जिससे किसी भी समय एक और बड़ा हादसा हो सकता है।

बैठक में महेश जोशी ने कॉर्बेट पार्क की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि कॉर्बेट का क्षेत्रफल करीब 1300 वर्ग किलोमीटर है, जिसकी अधिकतम धारण क्षमता मात्र 65 टाइगर की है, जबकि वर्तमान में यहां 260 से अधिक टाइगर मौजूद हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक धारण क्षमता से अधिक टाइगरों को दूसरे सुरक्षित क्षेत्रों में नहीं भेजा जाएगा, तब तक ग्रामीणों की जान ऐसे ही खतरे में बनी रहेगी।

ग्रामीणों ने टाइगर हमले में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने और मृतक के एक आश्रित को नियमित सरकारी नौकरी देने के लिए स्थायी कानून बनाए जाने की मांग की है।

ग्राम प्रधान धर्म सिंह ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे जंगली जानवरों से इंसानों, फसलों और मवेशियों की सुरक्षा की मांग को लेकर 9 जनवरी को दोपहर 12 बजे सांवल्दे वन चौकी पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं।

बैठक में तुलसी बेलवाल, महिला एकता मंच की कौशल्या चुनियाल, जानकी पांडे, राशिद हुसैन, सिकंदर, मंगली देवी, प्रताप सिंह, इंदर सिंह, तुलसी जोशी, गंगा देवी, सुनीता देवी, तारा देवी, विमला देवी, मंजू देवी, बसंती बोहरा, आशा जोशी, गीता देवी, सरोज देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


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