तिकोनिया में गूंजे विरोध के स्वर, हल्द्वानी में पोस्टर दहन, विदेश नीति मुद्दे पर संगठनों की तीखी प्रतिक्रिया
हल्द्वानी। क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन (क्रालोस) और परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) ने 28 फरवरी को ईरान पर हुए कथित अमेरिकी-इजरायली हमले के विरोध में बुद्ध पार्क तिकोनिया में सभा कर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप पोस्टर दहन भी किया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर मिसाइल हमले किए, जिससे आम नागरिकों को भारी नुकसान पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि इन हमलों में बच्चों समेत कई लोगों की मौत हुई है और व्यापक क्षति हुई है। उन्होंने इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून और किसी भी देश की संप्रभुता के विरुद्ध बताया।
वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका ने हमले का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियारों से रोकना बताया है, लेकिन उनका आरोप है कि इसके पीछे पश्चिम एशिया में राजनीतिक और आर्थिक हित जुड़े हैं। उन्होंने क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्रवाइयों से वैश्विक शांति को खतरा है।
प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए हस्तक्षेप करे और संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए। सभा के अंत में विश्व शांति और देशों की संप्रभुता के सम्मान की मांग की गई।
कार्यक्रम में क्रालोस और पछास के टीकाराम पांडे, मुकेश भंडारी, महेश, रियासत, अनिषेख, प्रकाश सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
